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Wednesday 3 June 2020

रोहित की कैसे दी गई मस्जिद में बलि? पिता से साक्षात्कार (एक्सक्लूसिव)

राजेश ने आरोप लगाया कि दोनों मौलवी मस्जिद के अंदर रोहित को लेकर गए और उसे पहले मारा पीटा और फिर गला दबा कर उसकी हत्या कर दी

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कल बिहार के गोपालगंज में एक 15 साल ले मासूम बच्चे की हत्या का मामला सामने आया हालांकि घटना मार्च के महीने की है। मूलधारा की मीडिया ने इस कहानी में दिलचस्पी नहीं दिखाई। जब इसकी सूचना सिर्फ़ न्यूज़ तक पहुँची तब हमने मासूम रोहित को न्याय दिलाने का फैसला लिया और रोहित के परिवार और प्रशासन तक पहुंचकर उनसे बात की।

यह घटना 28 मार्च की है जब रोहित अपनी माँ के साथ अपने घर बैठा था। गांव के चार बच्चे मेहराज अंसारी, अब्दुल अंसारी, मुस्तफा अंसारी और प्रियांशु कुशवाहा ने रोहित को क्रिकेट खेलने के बहाने मस्जिद में लेकर गए। रोहित के पिता राजेश जायसवाल का कहना है कि दरअस्ल निजाम अंसारी और बसीर अंसारी ने रोहित को मस्जिद ले आने के लिए बच्चों का सहारा लिया। राजेश ने आरोप लगाया कि दोनों मौलवी मस्जिद के अंदर रोहित को लेकर गए और उसे पहले मारा पीटा और फिर गला दबा कर उसकी हत्या कर दी।

इन मौलवियों ने फिर मृतक रोहित की लाश को करीब 4 किमी दूर 30-40 फीट तालाब में ठिकाने लगा दिया।

रोहित के घर न लौटने पर जब गाँव में हल्ला हुआ तब मेहराज, अब्दुल अंसारी, मुस्तफा और प्रियांशु से पूछताछ की गई। उन बच्चों ने कबूल किया कि छह लोगों ने रोहित को मार कर उसे तालाब में फेक दिया है।

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लाश बाहर निकाली गई। अंसारी बंधुओं को पूछने पर उन्होंने बताया कि रोहित के कपड़े उन्होंने झाड़ी में छुपा दिए थे।

तब तक वहाँ लोग जुट गए और बच्चों को मारने की कोशिश की पर मौके पर पुलिस आ गई। पुलिस ने बोला कि बच्चे की मौत डूबने के कारण हुई हैं।

रोहित की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट और एफआईआर कॉपी

मृतक के मुँह और कान से खून निकल रहा था। परिजनों ने जब खून निकलने का कारण पूछा तो प्रशासन ने बताया कि मछलियों के काटने से ऐसा हुआ है!

लाश को जब पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहाँ एक टाइगर नामक चौकीदार को थाना अधिकारी अश्विनी तिवारी ने फोन किया और मृतक के पिता से बात की।

राजेश ने सिर्फ़ न्यूज़ को बताया कि अश्विनी तिवारी ने राजेश से कहा था, ‘सरकार की तरफ से और मौलवियों की तरफ से 4-4 लाख रुपए दिलवा देंगे पर तुम एफआईआर मत करो।’

रोहित के पिता राजेश जायसवाल

जब राजेश ने पैसे लेने से मना कर दिया और इंसाफ मांगा तब अश्विनी तिवारी फ़ोन पर गालिया देने लगे।

राजेश ने सिर्फ़ न्यूज़ को यह भी बताया कि जब रोहित के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करके दो तीन दिन बाद राजेश कुछ काम से स्थानीय बाज़ार गए, तब वहाँ से लौटते वक़्त दोनों मौलवी साजिद अंसारी और अफजल अंसारी ने पूरे जायसवाल परिवार को जान से मारने की धमकी दी और केस वापस लेने को कहा। राजेश ने बताया, ‘मैं काफी डर गया और इसकी शिकायत करने पुलिस स्टेशन गया। पर वहा पहुंचने के बाद दरोगा गलियां देने लगा और पूछा क्यों आया है यहां?’

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दो-तीन दिन बाद फिर उन दोनों मौलवियों ने राजेश को धमकी दी और कहा, ‘आज तुम को और तुम्हारे पूरे परिवार को मार दिया जाएगा।’

डर के मारे जायसवाल परिवार उस रात सोया नहीं। सुबह होते ही राजेश और उनकी पत्नी फिर पुलिस स्टेशन गए। पुलिस स्टेशन पहुंचते ही राजेश ने पूरी बात दारोगा को बताई पर दारोगा ने मदद करने के बजाय राजेश को ही नसीहत दे डाली। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘तुमको इतनी ही जान की फ़िक्र है तो गांव छोड़ कर चले क्यों नहीं जाते?’ दारोगा ने राजेश और उनकी पत्नी को पहले गालियां दी और फिर दोनों की पिटाई की।

न्याय की गुहार लगाती बहन

हद तो तब हो गई जब दारोगा ने राजेश के सामने अपनी पैंट खोल दी और कहा, ‘जो करना है करो, पोस्टमार्टम तो हमने अपने हिसाब से बनवा लिया है।’ दारोगा ने कहा, ‘यहां मेरी सरकार है, जब चाहे तब तुमको फँसा सकते है।’

सिर्फ़ न्यूज़ के पास एक वीडियो है जिसमें पुलिस वाले राजेश और उनकी पत्नी को गालियां दे रहे है। हमने जब पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, पुलिस वाले बहुत बदतमीज़ी से पेश आए। थाने से हमें कहा गया, ‘जो भी आप जानना चाहते है मैं उसे एक ही शब्द में कहूंगा कि राजेश ने जो भी आरोप लगाया है सब बेबुनियाद है।’ इतना कह कर पुलिस ने फोन रख दिया।

रोहित ने मरने के कुछ दिन पहले अपनी माँ से बताया था, ‘जब भी मैं मस्जिद की तरफ खेलने जाता हूं, मौलवी मेरे ऊपर पानी छिड़कते है।’ राजेश का मानना है कि उसके बच्चे का बलि दिया गया है।

राजेश ने सिर्फ़ न्यूज़ को बताया, ‘हमने एक बच्चा तो खो दिया है, पर पूरे परिवार को नहीं खोना चाहते। प्रशासन भी मदद नहीं कर रहा है इसलिए डर के कारण हम लोग गोरखपुर के देवरिया जिले में छिपे है।’

राजेश ने सिर्फ़ न्यूज़ से अपील की है कि उसके बच्चे को जल्द से जल्द न्याय मिले और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा हो।

प्रशासन की माने तो सवाल यह उठता है कि

  1. रोहित 4 किमी दूर तालाब तक कैसे पंहुचा?
  2. रोहित के कपड़े किसने छिपाए?
  3. जब उन चारों बच्चों ने गुनाह कबूल किया तो कार्यवाही क्यों नहीं की गई?
  4. एफआईआर की ओरिजिनल कॉपी कहाँ है?
  5. अगर रोहित की डूबने से मौत हुई तो चेहरे पर खून कैसे आया?
  6. पुलिस राजेश और उसके परिवार को गालियां क्यों दे रही है?
  7. मौलवी सामने क्यों नहीं आ रहे हैं ?
Siddharth Raghvendra Raghuvanshi
Siddharth Raghvendra Raghuvanshi
Editorial Assistant of Sirf News with experience in covering sports and entertainment for Navbharat Times and Network 18's IBN Lokmat
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