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रायगंज/नई दिल्ली | पश्चिम बंगाल के रायगंज से एक सनसनीखेज समाचार टाइम्स नाउ के ज़रिए आया है कि गुरुवार को लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान मतदाताओं के साथ मज़हबी आधार पर भेदभाव किया गया।निर्वाचन क्षेत्र के एक गांव के हिन्दू मतदाताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ को मतदान केंद्र की ओर जाने से रोका गया जबकि अन्य ने दावा किया कि जब तक वे सुबह मतदान केंद्र पर पहुंचे उनके नाम पर फर्जी वोट डाले जा चुके थे।

टाइम्स नाउ और प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के अनुसार हिन्दू मतदाताओं को कुछ मुस्लिम पुरुषों ने वोट डालने से रोका और हिन्दुओं के मतदाता पहचान पत्र भी छीन लिए।

चैनल के संवाददाता ने कुछ हिन्दू मतदाताओं से बात की जिन्हें वोट डालने से रोका गया था। मतदाताओं ने अपनी मतदाता पर्ची और स्याही वाली उंगलियों को दिखाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें मतदान से इसलिए रोका गया क्योंकि उनके बारे में इन गुंडों को यह अनुमान था कि ये भाजपा के समर्थक होंगे।

क्यों नहीं मतदान कर पाए हिन्दू

यह गाँव मुस्लिम बहुल है जहाँ लगभग 600 हिन्दू भी निवास करते हैं। जब कुछ हिन्दू सुबह वोट डालने गए तो उन्हें मतदान अधिकारियों ने बताया कि उनके वोट पहले ही डाले जा चुके हैं।

मतदाताओं ने बाद में चैनल को बताया कि उन्हें ‘प्रोफाइलिंग’ (पहचान के आधार पर भेदभाव) के द्वारा वोट डालने की अनुमति नहीं दी गई। यह बताया गया कि इस मुस्लिम-बहुल गाँव का तृणमूल की तरफ झुकाव है।

गांव के निवासियों में से एक ने कहा, “मुझे मतदान केंद्र पर जाने से रोका गया। चार-पांच मुसलमानों ने मुझे पीटा और मेरी साइकिल तोड़ दी। उन्होंने कहा कि ‘आप भाजपा से हैं, भागिए यहाँ से’।”

इससे पहले भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने लोकसभा चुनाव के चरण दो में राज्य के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में हिंसा के संबंध में तृणमूल के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए कोलकाता में राज्य निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाया।

भाजपा के रायगंज की उम्मीदवार देवश्री चौधरी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ता बूथ कैप्चरिंग कर रहे थे।

“तृणमूल कार्यकर्ता बूथ पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। वे वहां मुसलमानों के बीच प्रचार कर रहे थे। यह चुनाव अभियान नहीं है,” देवश्री ने कहा और आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रायगंज कोरोनेशन हाई स्कूल में बूथ पर कब्जा करने की कोशिश की।

पर इस मुस्लिम नेता को भी नहीं बख्शा गया

इससे पहले सिर्फ़ न्यूज़ रिपोर्ट कर चुकी है कि गुरुवार सुबह सीपीआई (एम) रायगंज के उम्मीदवार मोहम्मद सलीम के काफिले पर हमला किया गया। वाम नेता के काफिले पर इस्लामपुर में अज्ञात लोगों ने हमला किया था। उनके काफिले पर कथित तौर पर गोलियां चलाई गईं और ईंटें और पत्थर भी फेंके गए। सौभाग्यवश वामपंथी सांसद बिना किसी चोट के हमले से बच गए।

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