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Thursday 9 July 2020

संत की हत्या — सिर धड़ से अलग, एक हाथ गायब

सूत्रों की माने तो आज सुबह महात्मा का एक भक्त उन्हें भोजन देने आया तो उसने देखा की आश्रम का मुख्य द्वार टूटा हुआ था और महात्मा का शव नीचे पड़ा था

रूपनगर हैडवर्क्स के निकत ऋषि मुनि दिशम आश्रम के संत का संदिग्ध परिस्तितियों में बेरहमी से क़त्ल कर दिया गया है। सूचना मिलते ही मौके पर संत के भक्त और क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। संत के शव की पहचान नहीं हो रही थी और एक हाथ भी नहीं था। महात्मा के बाल सिर से उखाड़े गए थे और सिर धड़ से अलग था और उनका कमरा खून से सना हुआ था।

उक्त संत महात्मा योगेश्वर सतलुज दरिया के किनारे अपने आश्रम में करीब 40 सालों से रहते थे और वही पूजा पाठ भी करते थे। महात्मा योगेश्वर 20 साल की ही उम्र से संयासी बन गए थे। महात्मा, हिमाचल प्रदेश के सरकाघाट के निवासी थे।

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उनके कमरे में रखा सामान भी इधर-उधर बिखरा हुआ था और उनका कुछ सामान भी गायब थे। सूत्रों ने बताया कि आज सुबह महात्मा का एक भक्त उन्हें भोजन देने आया तो उसने देखा की आश्रम का मुख्य द्वार टूटा हुआ था और संत का शव नीचे पड़ा था। इसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन में दी गई।

मौके पर पुलिस स्टेशन काठगढ़ के एसएचओ परमिंदर सिंह ने वहां का मुआइना करने के बाद बताया कि संत योगेश्वर की हत्या कुछ रोज़ पहले ही हो गई थी और शव की हालत काफ़ी ख़राब थी। उन्होंने बताया कि मौक़े से एलईडी और इन्वर्टर भी ग़ायब हैं। थाना काठगढ़, ज़िला नवांशहर में आईपीसी की धारा 460 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई हैं। विश्व हिंदू परिषद के प्रधान सतीश शर्मा और शिवसेना बाल ठाकरे के प्रधान अश्विनी कुमार सहित अन्य संस्थाओ ने इस मुआमले में उच्चस्तरीय जाँच की मांग की है।

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महात्मा और संतों की हत्या का यह पहला मामला नहीं है। लॉकडाउन के दौरान यह तीसरा बड़ा मामला सामने आया है। इससे पहले महाराष्ट्र के पालघर में दो संतों की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस कांड के कुछ ही दिनों बाद यूपी में भी एक संत की हत्या का मामला सामने आया था।

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