नड्डा

नई दिल्ली — केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री, जे०पी० नड्डा को विश्व स्वास्थ्य संगठन-डब्ल्यूएचओ महानिदेशक विशेष मान्यता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नड्डा को यह सम्मान ‘सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए डब्ल्यूएचओ के तंबाकू नियंत्रण पर फ्रेमवर्क कनवेंशन (एफसीटीसी) के क्रियान्वयन में तेजी लाने हेतु राष्ट्रीय परामर्श’ कार्यक्रम में डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्वी एशिया की क्षेत्रीय निदेशक, डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने दिया। इस अवसर पर स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और अनुप्रिया पटेल उपस्थित थीं।

नड्डा
जे० पी० नड्डा

सम्मान स्वीकार करते हुए नड्डा ने कहा कि यह मंत्रालय, एनजीओ के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नागरिक समाज संगठनों सहित कई ऐसे लोगों के सामूहिक प्रयासों की देन है जो अभी यहां मौजूद नहीं हैं, लेकिन संपूर्ण देश में वे अपने-अपने तरीकों से दिन-रात इस उद्देश्य के लिए योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू गरीबी का मुख्य कारक है और यह पूरे परिवार, समुदाय व देश को बुरी तरह प्रभावित करता है। इसे नियंत्रण करने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। इसकी पहचान विकास संबंधी समस्या के रूप में की गई है।

नड्डा ने खुशी जताते हुए कहा है कि तंबाकू का सेवन करने वालों की संख्या 81 लाख घट गई और युवाओं द्वारा तंबाकू के सेवन में भारी गिरावट देखी गई है। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान हमेशा युवाओं पर रहता है और तंबाकू नियंत्रण प्रयासों में सफलता के लिए मेरा मंत्र है “कैच देम यंग”। मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि नाबालिगों के बीच तंबाकू सेवन में 54 प्रतिशत, और 18-24 आयु-वर्ग में 28 प्रतिशत की कमी आई है।

नड्डा ने कहा कि भारत ने तंबाकू सेवन को नियंत्रित करने की दिशा में बहुत काम किया है। उन्होंने यह भी बताया कि हमने पैक के दोनों ओर 85 प्रतिशत चित्रात्मक स्वास्थ्य चेतावनियां दी, वैश्विक व्यस्क तंबाकू सर्वेक्षण (जीएटीएस) का दूसरा राउंड आयोजित किया। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि भारत ने धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है और तंबाकू मुक्त फिल्म और टेलीविजन नीति को सख्ती से लागू किया है।”