कोलकाता— भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को पुरुलिया जिले में जनसभा कर ममता बनर्जी के सरकार पर करारा हमला बोला है।

तारापीठ शक्तिपीठ में मां काली की पूजा करने के बाद पुरुलिया के सिमुलिया में शाह ने एक जनसभा को संबोधित किया एवं कहा कि ममता बनर्जी सरकार अधिक दिनों तक रहने वाली नहीं हैं। पश्चिम बंगाल की जनता इसे उखाड़ फेंकेगी।

शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमि है। यहां की संस्कृति में हिंसा नहीं है लेकिन तृणमूल सुप्रीमो के इशारे पर भाजपा कार्यकर्ताओं की चुन चुन कर हत्या की जा रही है।

चुनाव में अब तक 20 लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया है। ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए अमित शाह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अगर यह समझती है कि हिंसा के तांडव से बंगाल में सरकार बनी रहेगी तो मैं आज आपको चुनौती देता हूं कि हमारे कार्यकर्ताओं का लहू रंग लाएगा और अब आपकी सरकार लंबे समय नहीं चल पाएगी।

अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सारे कारखाने बंद हो गए। केवल एक बम बनाने का कारखाना चल रहा है। हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में पुरुलिया जिले में भाजपा की भारी बढ़त को लेकर अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि हमारे बढ़ते ग्राफ से तृणमूल डर गई है।

उन्होंने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि पुरुलिया से कोलकाता तक आवाज पहुंचनी चाहिए कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार अधिक दिनों तक नहीं रहने वाली है। उन्होंने तृणमूल सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप मढ़ा और कहा कि राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपये राज्य सरकार को दिये लेकिन सारे रुपये यहां के सत्तारूढ़ नेताओं और सिंडिकेट की जेब में चला गया।

शाह ने ममता बनर्जी की उस कोशिश पर कटाक्ष किया, जिसके जरिए वे राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और भाजपा के विकल्प के रूप में थर्ड फ्रंट बनाने में जुटी हैं। उन्होंने ने कहा, “आप कोई भी महागठबंधन बना लीजिए, हमें कोई समस्या नहीं है लेकिन ममता जी आप के नीचे से जमीन खिसक रही है, उसको पहले बचाइए।

लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनेगी।” अमित शाह ने लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि पुरुलिया की आवाज कोलकाता तक पहुंचनी चाहिए। आने वाले चुनाव में ममता की सरकार सत्ता में नहीं रहेगी। यहां की जनता तृणमूल को सबक सिखाएगी और उनकी सरकार को उखाड़ फेंकेगी।