इफ़्तार पर गिरिराज का कटाक्ष; नीतीश, पासवान का जवाबी हमला

गिरिराज सिंह ने इफ़्तार में शिरकत करने वाले नीतीश कुमार और रामविलास पासवान पर दिखावे का इलज़ाम लगाया

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Iftaar

नई दिल्ली | केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को एनडीए सहयोगियों की इफ़्तार में शिरकत पर निशाना साधा जिसपर जदयू और लोजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दीं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को आखिर आग बुझाने का काम करना पड़ा। उन्होंने सिंह को इस तरह की टिप्पणी करने से बचने के लिए कहा।

सिंह ने बिहार के प्रमुख राजग नेताओं की चार तस्वीरें ट्विटर पर पोस्ट कीं जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को इफ़्तार में शिरकत करते हुए दिखाया गया। तस्वीरों के साथ सिंह ने लिखा, “कितनी खूबसूरत तस्वीर होती जब इतनी ही चाहत से नवरात्रि पे फलाहार का आयोजन करते और सुंदर सुदंर फ़ोटो आते? अपने कर्म धर्म में हम पिछड़ क्यों जाते और दिखावा में आगे रहते है?”

सिंह उस ज़माने से कुमार के निंदक रहे हैं जब वे नीतीश के अधीन राज्य मंत्रिमंडल में कार्य करते थे। सिंह ने ट्विटर पर ज़ाहिर तौर पर नीतीश पर ही निशाना साधा जो इस बात से स्पष्ट होता है कि हर तस्वीर में नीतीश ही बीच में मुसलमानों वाली टोपी पहने, कन्धों पर कुफ़िया लगाए नज़र आ रहे हैं।

बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी भी एक तस्वीर में दिख रहे हैं।

ये तस्वीरें पटना में लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पासवान और विपक्ष के नेता जीतन राम मांझी द्वारा आयोजित इफ़्तार की थीं।

सिंह के ट्वीट पर भाजपा के सहयोगी दल के चिराग पासवान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी भारतीय परंपराओं पर सवाल उठाती है।

भाजपा नेता पर निशाना साधते हुए चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी ने हाल ही में एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गढ़ा गया नारा, “सबका साथ, सबका विकास” पर विश्वास किया।

सिंह पर निशाना साधते हुए जदयू नेता और राज्य मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, “क्या किसी ने भी गिरिराज को नवरात्र के दौरान फलाहार की व्यवस्था करने से रोका था? मैं उन्हें चेतावनी देना चाहता हूं कि पूरी भाजपा में वे अकेले हैं। उन्हें ऐसे बयानबाज़ी से बचना चाहिए।”

चौधरी ने कहा, “गिरिराज को याद रखना चाहिए कि उनकी पार्टी बिहार में एक गठबंधन सरकार का हिस्सा है और लोकसभा चुनाव में उनकी बड़ी जीत का श्रेय हमारे नेता (नीतीश कुमार) को भी जाता है।”

सूत्रों ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर विवाद से आग सी भड़क उठी फिर शाह ने सिंह को फोन किया और राजग नेताओं पर हमला करने वाले अपने ट्वीट पर बात करने के लिए अपने यहाँ बुलाया। भाजपा अध्यक्ष ने सिंह से इस तरह की टिप्पणी करने से बचने के लिए भी कहा।

बिहार के मुख्यमंत्री तथा जद (यू) अध्यक्ष कुमार ने 30 मई को मोदी सरकार में उनकी पार्टी को दी गई एक मंत्री के बर्थ को अस्वीकार कर दिया था और फिर बिहार कैबिनेट के विस्तार के समय उन्होंने भाजपा के किसी मंत्री को शामिल नहीं किया। एनडीए के दो मुख्य दलों के बीच इस वक़्त संबंध तनावपूर्ण हैं।

एनडीए के सूत्रों का मानना ​​है कि सिंह की अपमानजनक टिप्पणी से दोनों दलों के बीच संबंधों को नुकसान पहुंच सकता है।