Sunday 23 January 2022
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निर्मल गंगा जन अभियान — गायत्री परिवार ने रचा इतिहास

डॉ.प्रणव पण्ड्या जी (कुलाधिपति, दे.सं.वि.वि. एवंप्रमुख, अखिल विश्व गायत्री परिवार) गंगा सफ़ाई के दौरान
डॉ.प्रणव पण्ड्या (कुलाधिपति, दे.सं.वि.वि. एवंप्रमुख, अखिल विश्व गायत्री परिवार) गंगा सफ़ाई के दौरान

वाराणसी — अखिल विश्व गायत्री परिवार ने निर्मल गंगा जन-अभियान के अंतर्गत को गंगोत्री से गंगासागर तक एक साथ एक समय पर गंगा के दो सौ घाटों पर स्वच्छता अभियान चला कर एक नया इतिहास रचा। उत्तराखंड के कोटी कालोनी, नई टिहरी, देवप्रयाग, ऋषिकेश, हरिद्वार से लेकर उत्तर प्रदेश के कानपुर, वाराणसी तक माँ गंगा घाटों पर चलाया गया वृहद स्वच्छता अभियान।

काशी, ब्रह्माण्ड में स्थित आध्यात्म, संस्कृति एवं ज्ञान का ऐसा केंद्र जिसे पहचान की आवश्यकता नहीं; माना जाता है कि गंगा किनारे विद्यमान देवभूमि काशी को स्वयं भगवान शिव ने अपना प्रासाद कहा है; काशी सारे दुःखों को समाप्त करने वाली मोक्षदायिनी नगरी है। नैषधचरित के रचनाकार श्री हर्ष ने कुछ इस तरह प्रस्तुत किया है —

वाराणसी निविशते न वसुन्धरायां तत्र स्थितिर्मखभुआं भवने निवासः।

तत्तीर्यमुक्तवपुषामत एव मुक्तिः स्वर्गात् परं पदमुपदेतु मुदेतुकीदृक।।

समग्र स्वच्छ्ता कार्यक्रम में सफ़ाई करने के लिए प्रस्थान करते देव संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थीगण
समग्र स्वच्छ्ता कार्यक्रम में सफ़ाई करने के लिए प्रस्थान करते देव संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थीगण

मई 2014 को काशी को एक नवीन स्वरुप प्राप्ति का एक स्वर्णिम अवसर मिला, जब लोगों ने देश के प्रधानमंत्री को यहां से चुनकर भेजा था।

मैं आया नहीं, मुझे तो माँ गंगा ने बुलाया है

— प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (तत्कालीन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार), 24 अप्रैल 2014

पर्यटकों की निगाह में काशी की गन्दगी प्रथमदृष्टया होती थी; प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से स्वच्छता अभियानआज नवीन आयाम स्थापित कर रहा है।

काशी में निर्मल गंगा जनअभियान, तुलसी घाट सहित, राजेंद्र प्रसाद घाट से लेकर अस्सी घाट तक चला। गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं के इस अभूतपूर्व योगदान की चर्चा काशी की नागरिकों के मध्य सराहना का केंद्र बना हुई है। शांतिकुंज (हरद्वार) के वाराणसी प्रभारी अशोक के अनुसार निरंतर माँ गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता के लिए गायत्री परिवार अपना योगदान देता रहेगा।

गायत्री परिवार ने गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक 2,525 किमी की दूरी तय करने वाली गंगा नदी को स्वच्छ करने का दायित्व उठाया है। राष्ट्रीय स्तर पर निर्मल गंगा जन-अभियान का शुभारंभ किया जा चुका है। गंगा के दोनों तटों पर बसे शहरों में जनजागरण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है एवं गंगा को निर्मल करने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

गंगोत्री से गंगासागर तक के तीन चरण के कार्य पूरे हो चुके हैं

— अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या

गंगा की सफ़ाई के कार्य में जुटे गायत्री परिवार के सदस्य
गंगा की सफ़ाई के कार्य में जुटे गायत्री परिवार के सदस्य

2, 13, 18 अक्टूबर के बाद 25 अक्टूबर को भी गायत्री परिवार के हज़ारों कार्यकर्ताओं ने निःस्वार्थ भाव से गंगा स्वच्छता अभियान में सहभागिता दर्ज की।

स्वच्छता के साथ वृक्षारोपण का कार्य ऐसा है जिससे स्वास्थ्य रक्षा भी होती है तथा पर्यावरण सन्तुलन की दिशा में महत्त्वपूर्ण योगदान संभव होता है। अतएव 27 अक्टूबर को शांतिकुंज से 100 साइकिलों की टोली भारत के गाँवदेहातों में बसी आबादियों तक गंगा स्वच्छता का संदेश पहुँचाने के लिए रवाना हुई।

शांतिकुंज के अतिरिक्त देश के विभिन्न स्थानों से भी गंगा सफ़ाई के लिए साइकिल टोलियाँ निकलेंगी एवं निर्दिष्ट स्थानों पर जा कर गंगा स्वच्छता कार्य में सम्मिलित होंगी — अभियान पर कार्य कर रहे केदार प्रसाद दुबे ने कहा।

गंगा सहित ५० से अधिक नदियों तथा अन्य क्षेत्रों में भी चल रहे यह स्वच्छता कार्य सतत चलते रहने चाहिए एवं साथ ही वृक्षारोपण भी होते रहने चाहिए जिससे पर्यावरण सन्तुलन बना रहे

— गायत्री परिवार प्रमुख शैलबाला पण्ड्या

स्वच्छता अभियान की और झलकियाँ —

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Anupam Pandeyhttp://anupamkpandey.co.in
​​IT analyst with mentoring responsibilities at IEEE, an associate at CSI India

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