Wednesday 1 February 2023
- Advertisement -
PoliticsIndiaजजों के ख़िलाफ़ केस दायर करना पड़ा महंगा

जजों के ख़िलाफ़ केस दायर करना पड़ा महंगा

नई दिल्ली — चीफ़ जस्टिस जेएस खेहर ने आज असार याचिका दायर करने और कोर्ट का समय ख़राब करने पर एक व्यक्ति पर रु० 1 लाख का जुर्माना लगाया है। याचिकाकर्ता राशिद अली सौदागर ने पिछले 28 मार्च के एक आदेश को निरस्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के दो सिटिंग जजों के ख़िलाफ़ यह याचिका दायर की थी।

चीफ़ जस्टिस ने याचिकाकर्ता से कहा कि उन्होंने इस बारे में पूरे तरीक़े से सही फ़ैसला किया है और अब इस बारे में कुछ नहीं हो सकता। याचिकाकर्ता सौदागर ने कहा कि आदेश न्यायपरक नहीं था, ये ग़लत था। चीफ़ जस्टिस ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि आपने ये फ़ैसला नहीं किया है ये फ़ैसला हमने किया है। आप उन्हीं जजों के ख़िलाफ़ केस करना चाहते हैं जिन्होंने आपकी सुनवाई की। आप जजों के ख़िलाफ़ अवमानना केस करते रहे, आज हम इसे ख़त्म कर देते हैं।

28 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने सौदागर पर जुर्माना लगाया था और 4 सप्ताह में रजिस्ट्री में जमा करने का आदेश दिया था। जिसके ख़िलाफ़ सौदागर ने जजों को ही पक्षकार बना दिया था।

दो माह पहले ही चीफ़ जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट्स में क़रीब 64 मुआमले दायर करने पर एनजीओ सुराज इंडिया ट्रस्ट पर रु० 25 लाख का जुर्माना लगाया था। जुर्माने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुराज इंडिया के चेयरमैन को सुप्रीम कोर्ट में कोई भी जनहित याचिका दाख़िल  करने पर रोक लगा दी थी।

Click/tap on a tag for more on the subject

Related

Of late

More like this

[prisna-google-website-translator]