Thursday 28 October 2021
- Advertisement -
HomePoliticsIndiaममता राज में तृणमूल का तांडव — हत्या, गैंगरेप, आगज़नी, उपद्रव

ममता राज में तृणमूल का तांडव — हत्या, गैंगरेप, आगज़नी, उपद्रव

राखी मित्रा ने कहा, ये तृणमूल के आम गुंडे नहीं हैं। ये रोहिन्या हैं जिन्हें तृणमूल ने पाल-पोस कर बड़ा किया है। हिंदू मुसलमान से डरते हैं…

|

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस की जीत के बाद राजनीतिक हिंसाओं का दौर सोमवार को जो शुरू हुआ, अब तक थमने का नाम नहीं ले रहा है। चुनाव के नतीजे आते-आते ही आरामबाग़ में भाजपा कार्यालय को तृणमूल कांग्रेस के कथित बदमाशों ने आग के हवाले कर दिया।

इस बीच प्रदेश में ऐसी हिंसाओं का केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। मंत्रालय ने प्रदेश में चुनाव के बाद विपक्षी दल के नेताओं को टारगेट कर की गई हिंसाओं की रिपोर्ट राज्य सरकार से मांगी है। चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद शुरू हुई हिंसा में अब तक कम से कम 18 लोगों के मारे जाने की ख़बर है। यह आंकड़ा एक महीने तक चले चुनावों के दौरान मारे गए लोगों की संख्या से अलग है।

सिर्फ़ न्यूज़ ने पश्चिम बंगाल में हुए हिंसा का जायज़ा लिया और बंगाल बीजेपी की महिला मोर्चा की सेक्रेटरी राखी मित्रा और राज लहिरी से बात की।

राखी मित्रा ने कहा, “यह तो होना ही था। ममता बनर्जी बदला ले रही हैं। मैं अपने नेताओं से पूछना चाहती हूँ कि जब उन्हें यह पता था कि ऐसा हो सकता है तो हम पहले से तैयार क्यों नहीं थे? इस घटना में बेचारे गरीब कार्यकर्ता मारे जा रहे हैं। ये सब कोई और नहीं बल्कि मुस्लिम रोहिंग्या कर रहे हैं। जिन्हें ममता ने बंगाल में आश्रय दिया है, ये वही लोग हैं।”

मित्र ने बताया, “इस घटना के बाद मेरे पास 400-500 फोन आ चुके है। हमारे नेताओं को बाहर आना होगा और गृहमंत्री अमित शाह से मैं आग्रह करना चाहती हूँ कि इस विषय पर वे ममता बनर्जी से सीधे बात करें। हमारे कार्यकर्ता इस समय मुसीबत में हैं तो हमारा यह कर्तव्य बनता है की हम उनकी मदद करें। आज हम जो कुछ भी हैं कार्यकर्ता की वजह से हैं।”

“ये तृणमूल के नार्मल गुंडे नहीं है। ये रोहिन्या मुसलमान है जिन्हें तृणमूल कांग्रेस ने पाल-पोस कर बड़ा किया है। नंदीग्राम में हिंदू कार्यकर्त्ता पर भी हमले हो रहे है। यह हिन्दूओं पर हमला है। लोग मुसलमान से डरते हैं।”

दिलचस्प बात यह है कि हमने जिन-जिन भाजपा कार्यकर्ताओं से बात की, उनमें से सभी ने ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ बयान देने के बजाय पार्टी के नेतृत्व को कोसा जो उनकी मदद को आ नहीं रहे हैं।

राखी मित्रा की तरह ही महीनों भाजपा के प्रचार में जुटे राज लाहिड़ी ने सिर्फ़ न्यूज़ को बताया कि बंगाल की हालत बहुत ख़राब है। उन्होंने कहा, “तृणमूल के गुंडे महिलाओं के साथ दुष्कर्म कर रहे हैं, बच्चों को मार रहे हैं। लोगों का ख़ून कर रहे हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकार को इसे रोकना होगा। इसमें कई बेगुनाह मारे जा रहे हैं।”

“बंगाल में 16 से अधिक सांसद और 80 के आसपास विधायक है। उन्हें आगे आना होगा। ऐसे हाथ पर हाथ रख कर नहीं बैठ सकते,” लाहिड़ी ने कहा।

चुनाव नतीजे आने के बाद हमले और हत्या की घटनाओं को देख राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल पहुँच कर बीजेपी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का निर्णय लिया है। वह 4 और 5 मई को दो दिनों तक बंगाल में रहकर हिंसा के शिकार परिवारों से मिलेंगे और संवेदना व्यक्त करेंगे।

भाजपा ने बंगाल में राजनीतिक हिंसा के ख़िलाफ़ 5 मई को देशव्यापी धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।

ममता बनर्जी की तृणमूल सरकार के शासन में अब तक 140 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। बावजूद इसके राज्य प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। चुनाव परिणाम के 24 घंटे के अंदर बीजेपी के कई कार्यकर्ताओं की नृशंस हत्या की खबर है। कई बीजेपी कार्यकर्ताओं के घर और दुकान जला दिए गए हैं।

Sirf News needs to recruit journalists in large numbers to increase the volume of its reports and articles to at least 100 a day, which will make us mainstream, which is necessary to challenge the anti-India discourse by established media houses. Besides there are monthly liabilities like the subscription fees of news agencies, the cost of a dedicated server, office maintenance, marketing expenses, etc. Donation is our only source of income. Please serve the cause of the nation by donating generously.

Siddharth Raghuvanshi
Editorial Assistant of Sirf News with experience in covering sports and entertainment for Navbharat Times and Network 18's IBN Lokmat

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

- Advertisment -

Now

Columns

[prisna-google-website-translator]