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Thursday 21 November 2019

टॉमस कुक के बंद होने पर भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?

ऋणों के बोझ ने टॉमस कुक को लगभग $ 25 करोड़ का अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए हितधारकों के साथ आखरी वक़्त की बातचीत में प्रवेश करने के लिए मजबूर किया; वार्ता विफल रही

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सोमवार को प्रतिष्ठित ब्रिटिश ट्रैवल ग्रुप टॉमस कुक ने कंपनी को बचाने के लिए सप्ताहांत में प्रमुख हितधारकों के साथ बातचीत के बाद अचानक परिचालन बंद कर दिया। कई पर्यटक अब दुनिया भर के कई स्थानों पर फँसे हुए हैं और ब्रिटिश सरकार ने यात्रियों को वापस लाने के लिए एक व्यापक क़दम उठाया है जिसका नाम रखा गया है ऑपरेशन मॅटरहॉर्न

इस बीच भारत-स्थित टॉमस कुक (इंडिया) लिमिटेड ने स्वयं को इस झमेले से दूर करते हुए कहा है कि यह एक “पूरी तरह से अलग इकाई” है और यह एक लाइसेंस समझौते के माध्यम से एक ब्रांड नाम “केवल साझा” करता है।

21 सितंबर को इसने ट्वीट किया

“यूके में टॉमस कुक के व्यवसाय की स्थिति से टीसीआईएल व्यवसाय प्रभावित नहीं हुआ है और हम अपने मूल्यवान ग्राहकों, भागीदारों और कर्मचारियों के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम केवल एक लाइसेंस समझौते के माध्यम से एक ब्रांड नाम साझा करते हैं।”

ब्रिटिश टॉमस कुक को आख़िर हुआ क्या?

टॉमस कुक दुनिया की सबसे पुरानी ट्रैवल कंपनी की स्थापना 1841 में की गई थी। कंपनी हाल में ऑनलाइन ट्रैवल एजेंटों और पर्यटकों से प्रतिस्पर्धा करने जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए स्वतंत्र रूप से अपनी यात्रा की योजना बना रही थी। इसकी परेशानियों को जोड़ने वाले अन्य कारकों में मौसम से संबंधित कारण के साथ-साथ दुनिया के विभिन्न हिस्सों में राजनैतिक अशांति भी शामिल है।

हाल के वर्षों में यह ब्रिटिश कंपनी गहरे वित्तीय संकट में थी और $ 2.5 बिलियन (250 करोड़) के क़र्ज़ से त्रस्त थी।

Digvijayaऋणों के बोझ ने टॉमस कुक को लगभग $ 250 मिलियन (25 करोड़) का अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए हितधारकों के साथ आख़री वक़्त की बातचीत में प्रवेश करने के लिए मजबूर किया। यह वार्ता विफल रही जिससे कंपनी ध्वस्त हो गई। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि उसके पास तत्काल प्रभाव से अनिवार्य परिसमापन में क़दम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था ।

टॉमस कुक के टूटने से दुनिया भर में 22,000 से अधिक नौकरियाँ ख़तरे में हैं, जिनमें से 9,000 बर्तानिया में हैं।

कैसे ब्रिटेन फँसे हुए यात्रियों को वापस ला रहा है

टॉमस कुक के बंद होने के कारण 6 लाख पर्यटक दुनिया भर में फँसे हुए हैं। ब्रिटिश सरकार ने अपने 1.5 लाख फँसे हुए नागरिकों को वापस लाने की योजना पर काम कर रही है।

ऑपरेशन मॅटरहॉर्न नाम का प्रत्यावर्तन प्रयास ब्रिटिश इतिहास में शांतिकाल में अपनी तरह का सबसे बड़ा प्रयास है। ब्रिटिश सरकार ने इस प्रयास के तहत 45 से अधिक जेट विमानों को काम पर लगाया है।

कंपनी की वेबसाइट पर निम्नलिखित संदेश पढ़ा जा सकता है —

“हाल ही में प्रतिष्ठित ब्रिटिश ट्रैवल कंपनी टॉमस कुक पीएलसी से संबंधित घटनाक्रम के साथ, जिसके बारे में मीडिया में बताया जा रहा है, यह जनमानस को बताना अनिवार्य हो जाता है कि अगस्त 2012 के बाद से टॉमस कुक इंडिया ग्रुप एक पूरी तरह से अलग इकाई है। उस वर्ष कॅनडा-स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (फेयरफैक्स) ने कंपनी का 77% अधिग्रहण किया था; कंपनी भारत समेत दुनिया भर में विविध कार्यों में जुड़ी हुई है।”

अतः टॉमस कुक के बंद होने पर भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं होगा।

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