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कोर्ट से जीत के बावजूद लव जिहाद पर बनी फ़िल्म द कन्वर्जन को नहीं मिली रिलीज़ डेट

एक याचिकाकर्ता ने रिलीज़ के विरुद्ध दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी जहाँ फ़िल्म के पक्ष में निर्णय आया था, लेकिन प्रमाणन बोर्ड को इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा

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लव जिहाद पर बनी हिन्दी फ़िल्म द कन्वर्जन के प्रदर्शन की राह मुश्किल होती जा रही है। फ़िल्म से जुड़े सूत्रों से 27 अक्टूबर को India Speaks Daily को ख़बर मिली कि भारतीय फ़िल्म प्रमाणन बोर्ड ने फ़िल्म को मंज़ूरी नहीं दी है। कई महीने से द कन्वर्जन की टीम थियेटर रिलीज़ की मांग को लेकर क़ानूनी लड़ाई लड़ रही थी। अब सेंसर बोर्ड का ये निर्णय न केवल फ़िल्म के निर्माता और पूरी टीम के लिए आघात की तरह है बल्कि उन दर्शकों के लिए भी निराशा लेकर आया है जो इसे थियेटर में देखना चाहते थे।

लव जिहाद पर बनी द कन्वर्जन के निर्माता राज पटेल और निर्देशक विनोद तिवारी हैं। विगत दो महीने से द कन्वर्जन की रिलीज़ की स्वीकृति के लिए निर्माता-निर्देशक सेंसर बोर्ड के चक्कर लगा रहे थे। सेंसर बोर्ड द्वारा अनुमति प्रदान न करने के कारण निर्माता को तीन बार रिलीज़ की तारीख बदलनी पड़ गई है।

लगातार विलंब से फ़िल्म ओवरबजट हो चुकी है। सबसे पहले फ़िल्म की तारीख 24 सितंबर तय हुई। इसके बाद 8 अक्टूबर रिलीज़ की तिथि तय की गई लेकिन सेंसर बोर्ड से प्रमाणपत्र नहीं मिला। इसके बाद प्रदर्शन तिथि पुनः बदलकर 15 अक्टूबर की गई। हालांकि सेंसर बोर्ड ने इसके बावजूद प्रमाणपत्र नहीं दिया और फ़िल्म को ही निरस्त कर दिया है।

अब थियेटर में प्रदर्शन के आसार कम ही दिखाई दे रहे हैं। फ़िल्म के निर्देशक विनोद तिवारी ने कहा कि यदि लव जिहाद का अस्तित्व नहीं होता तो क्या मध्य प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार इस पर कानून बनाती। फ़िल्म की टीम ने केरल उच्च न्यायालय का हवाला देते हुए कहा है कि न्यायालय ने भी लव जिहाद शब्द का प्रयोग किया है।

फ़िल्म निर्देशक द्वारा केरल उच्च न्यायालय के निर्णय की कॉपी भी सेंसर बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय भेजी जा चुकी है लेकिन अब तक सेंसर बोर्ड का रवैया असहयोगात्मक ही रहा है। इसी महीने की शुरुआत में द कन्वर्जन की टीम को न्यायालय में भी अपना रुख़ स्पष्ट करना पड़ा। एक याचिकाकर्ता ने फ़िल्म की रिलीज़ के विरुद्ध दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगा दी थी। यहाँ भी फ़िल्म के पक्ष में निर्णय आया था।

न्यायालय ने स्पष्ट रुप से कहा कि हम फ़िल्म के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगा सकते। ये याचिका मात्र फिल्म के प्रोमो के आधार पर लगा दी गई थी। फिल्म से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सेंसर बोर्ड इतना होने के बावजूद प्रमाणपत्र देने के लिए तैयार नहीं है। इस निर्णय से फ़िल्म के निर्माता-निर्देशक ने निराशा प्रकट की है। फ़िल्म के प्रचार से जुड़ी समाज सेविका काजल हिंदुस्तानी ने ट्विटर के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया है कि द कन्वर्जन को सेंसर बोर्ड ने रिजेक्ट कर दिया है।

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