दिल्ली: गाजीपुर में कूड़े का पहाड़ गिरा, दो मरे

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नई दिल्ली – पूर्वी दिल्ली के बाहरी क्षेत्र में स्थित गाजीपुर लैंडफिल साइड में कूड़े के पहाड़ का एक हिस्सा गिर जाने से दो लोगों की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गये। कई लोग कूड़े में दब गये थे जिनमें से चार को निकाल लिया गया है। कूड़े के पहाड़ के गिरकर रोड पर आ जाने से वहां से गुजर रही आधा दर्जन गाड़ियां भी उसमें धंस गई थी। गुजर रही एक स्विफ्ट कार और एक स्कूटी पास के कोंडली नाले में गिर गई। एनडीआरएफ एमसीडी और अग्नि शमन की टीमें बचाव कार्य में देर रात तक जुटी हैं। गौताखोरों की मदद से रेस्क्यू टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है। पुलिस ने युवती राज कुमारी की मौत की पुष्टि कर दी है, जो घटनास्थल के करीब से स्कूटी पर जा रही थी। पुलिस ने बताया कि उसे 6 लोगों के गिरने की जानकारी मिली थी, जिसमें से 4 को सुरक्षित निकाल लिया गया| बाकी एक लड़की और एक अन्य का शव बरामद किया गया है। हादसे के बाद इस रूट से होकर गाजियाबाद जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है।

गाजीपुर लैंडफिल साइट पर हुए हादसे को लेकर पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने की घोषणा कर दी है। पूर्वी निगम की महापौर नीमा भगत ने इस मामले पर शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक भी बुलायी है। इसमें लैंडफिल साइट से संबंधित अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली जायेगी और कमेटी के सदस्यों के नाम एवं इसकी समय सीमा तय की जायेगी।

इस संबंध में पूर्वी निगम की महापौर नीमा भगत ने कहा कि यह घटना दर्दनाक है। घटना के सभी पहलुओं की जांच करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है। शनिवार को इसके सदस्यों एवं कार्यकाल के बारे में घोषणा की जायेगी। महापौर ने कहा कि बैठक में लैंडफिल साइट से जुड़े अधिकारियों को भी बुलाया गया है। उनसे इस बारे में पूरी जानकारी ली जायेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द ही लैंडफिल साइट के समाधान के उपाय तलाशने की दिशा में कार्रवाई की जायेगी। इधर दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने द्वारका सब सिटी में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, डीडीए पाॅकेट, मार्किट एसोसिएशन और अन्य संस्थानों से संबंधित कूड़े कचरे को अलग-अलग करने और उसके निबटान से संबंधित दिशा-निर्देशों के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया है।

गाजीपुर लैंडफिल साइट पर हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। घटना की जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवल ने कहा कि हादसे में दो की मौत हुई है जबकि कुछ लोग कचरे में फंसे हुए हैं। उनके बचाव का काम जारी है। सीएम ने कहा कि यहां गलत तरीके से कचरे का निपटान किया जा रहा था। इस मामले को लेकर दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी (डीपीसीसी) ने भी कई बार नगर निगम को नोटिस जारी किया था लेकिन यहां कचरे को फेंकना जारी रखा गया। उन्होंने कहा कि दुनिया में कचरे के निपटान के बेहतर विकल्प उपलब्ध हैं, हमें उस दिशा में सोचना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही इस मामले पर उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात कर मामले का हल निकालेंगे और नगर निगम पर दबाव बनाकर कचरे के निपटान की उचित व्यवस्था करवाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां नियम के तहत 20 मीटर तक ही कचरा डाला जाना था लेकिन आदेश के बाद भी कचरे का पहाड़ 45 मीटर तक पहुंचा दिया गया है। सरकार इस लापरवाही को बर्दास्त नहीं करेगी।

गौरतलब है कि गाजीपुर में यह कूड़े का डंपिंग ग्राउंड है, जहां से पूर्वी दिल्ली का सारा कूड़ा लाकर डंप किया जाता है। कई बार प्रशासन को यह जानकारी दी गई थी कि इस डंपिंग ग्राउंड की क्षमता पूरी हो चुकी है और दिल्ली के कूड़े को डंप करने के लिए किसी नई डंपिंग फील्ड की जरूरत है। लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया और लगातार कूड़े की डंपिंग यहीं की जाती रही। इस लैंडफील्ड पर सालों से दिल्ली का कूड़ा डंप किया जा रहा है। इसकी क्षमता कई साल पहले ही पूरी हो चुकी है। एमसीडी का कहना है कि वह कई बार सरकार से कूड़े के निपटारे के लिए नई जमीन की मांग कर चुका है, लेकिन उसे कूड़े के निपटारे के लिए अभी तक नई जमीन नहीं दी गई। ऐसे में वह (एमसीडी) इस जमीन पर ही कूड़े की डंपिंग का काम कर रही थी। गाजियाबाद के इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा समेत अन्य इलाकों से काफी लोग दिल्ली और नोएडा जाने के लिए इस रूट का इस्तेमाल करते हैं और बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते से आते-जाते हैं |

इस मामले पर हाई कोर्ट ने भी कई बार चिंता जताई है, लेकिन एमसीडी हमेशा ही नई जमीन न मिलने की बात कहकर इससे पल्ला झाड़ता रहा। यह जमीन कभी आसपास की जमीन की ही तरह समतल थी। लेकिन सालों से यहां लाया जा रहा दिल्ली का कूड़ा डंप होने से यह जगह एक पहाड़ की तरह ऊंची होती चली गई। दिल्ली और आसपास लोगों में यह जगह कूड़े के पहाड़ के रूप में ही चर्चित है।इस संबंध में निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि उच्च न्यायलय के निर्देशों के अनुसार ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के अनुरूप दिशा-निर्देशों का मसौदा बना लिया गया है। इसे निगम की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। यदि कूड़ा कचरा उत्पन्न करने वाले दिशा-निर्देशों के मसौदे पर कोई टिप्पणी या सुझाव देना चाहते हैं तो वे दिशा-निर्देशों के मसौदे को अपलोड किये जाने की तिथि से 21 दिन के भीतर निगम की वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं।

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