Saturday 31 October 2020

चीनी बुद्धि — टैगोर, योग हमारे लिए ख़तरा नहीं, PUBG भारत के लिए ख़तरा कैसे?

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बीजिंग ने भारत में 118 ऐप को बैन किए जाने की आलोचना करते हुए आज नोबल पुरस्कार से सम्मानित रबीन्द्रनाथ टैगोर (ठाकुर) और योग की चीन में लोकप्रियता का हवाला दिया। इसके साथ ही चीनी सर्कार ने अमेरिका के क्लीन नेटवर्क प्रोग्राम में वाशिंगटन की तरफ़ से शुरू किए गए सुरक्षा ख़तरों के बिना इंटरनेट में नहीं शामिल होने को लेकर नई दिल्ली को चेताया।

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत में 118 ऐप को बैन किए जाने के पीछे कारणों के विपरीत चीनी नागरिकों के बीच टैगोर की कविता की लोकप्रियता और योग की व्यापक स्वीकार्यता को चीन अपने लिए ‘घुसपैठ’ या ‘ख़तरे’ के तौर पर नहीं देखता है।

चीनी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि उनके ऐप्स अन्य देशों के यूज़र्स के डेटा (सूचना) बीजिंग तक पहुँचाकर उन देशों की सुरक्षा को ख़तरे में डालते हैं। इसलिए चीन के लिए यह प्रश्न अप्रासंगिक है कि क्या टैगोर और योग के द्वारा चीन से भारत में डेटा ट्रांसफ़र होता है?

भारत की तरफ़ से बुधवार को फिर से ऐप को बैन करने को चीन ने भेदभावपूर्ण कार्यवाही बताया। चीन ने भारत सरकार से अनुरोध किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर चीनी मोबाइल ऐप्स को बंद करने के भेदभावपूर्ण क़दम को रोके चीन ने विश्व व्यापार संगठन के नियमों का हवाला देते हुए कहा यह डब्ल्यूटीओ के नियमों का उल्लंघन है। चीन ने कहा कि भारत निष्पक्ष, खुले और बिना भेदभाव के व्यावसायिक माहौल बनाए और सही रास्ते पर लौटे।

एक दिन पहले केंद्र सरकार ने बुधवार को एक और अहम फैसला लिया और दुनियाभर में लोकप्रिय गेमिंग ऐप PUBG समेत 118 मोबाइल ऐप्स को बैन कर दिया है। इससे पहले भी सरकार कई चीनी कंपनियों की ऐप पर प्रतिबंध लगा चुकी है। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने प्रतिबंधित की गईं ऐप्स को देश की सुरक्षा, संप्रभुता, एकता के लिए नुकसानदेह बताया।

ऐप्स को प्रतिबंधित किए जाने की जानकारी देते हुए आईटी मंत्रालय ने कहा, ‘सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69-ए के तहत इस फ़ैसले को लागू किया है। ये सभी 118 मोबाइल ऐप्स विभिन्न प्रकार के खतरे उत्पन्न कर रही थीं, जिसके चलते इन्हें ब्लॉक किया गया है।’ मंत्रालय ने आगे कहा उपलब्ध जानकारी के मद्देनजर ये ऐप्स ऐसी गतिविधियों में लगे हुए हैं जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, सुरक्षा के लिए हानिकारक है।

सरकार ने जिन 118 मोबाइल ऐप्स को बैन किया है, उनमें APUS लॉन्चर प्रो थीम, APUS सिक्योरिटी-एंटीवायरस, APUS टर्बो क्लीनर 2020, शाओमी की शेयर सेव, फेसयू, कट कट, बायडु, कैमकार्ड शामिल हैं। इसके अलावा, वीचैट रीडिंग, पिटू, इन नोट, स्मॉल क्यू ब्रश, साइबर हंटर, लाइफ आफ्टर आदि ऐप्स भी शामिल हैं।

मंत्रालय ने आगे कहा, ‘सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनमें चोरी के लिए एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप्स के दुरुपयोग और यूज़र्स के डेटा का ग़लत इस्तेमाल शामिल है। आईटी मंत्रालय ने कहा कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, गृह मंत्रालय ने भी इन ऐप्स को ब्लॉक करने के लिए एक विस्तृत सिफ़ारिश भेजी है। भारत सर्कार के अनुसार ‘भारत की संप्रभुता के साथ-साथ हमारे नागरिकों की गोपनीयता को नुक़सान पहुंचाने वाले ऐप्स के ख़िलाफ़ कठोर कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया है।’

सबसे पहले जून के अंत में भारत सरकार ने चीन के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए 59 चीनी मोबाइल ऐप्स को बैन किया था। इन ऐप्स में टिकटॉक, शेयर इट, यूसी ब्राउजर, हेलो, विगो, जैसे ऐप शामिल थीं। इसके बाद, अगले महीने में सरकार ने 47 और चीनी मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस तरह 2 सितंबर को लिए गए फ़ैसले से पहले सरकार 106 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा चुकी थी।

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