Wednesday 23 June 2021
- Advertisement -

चीन गलती छुपाने के लिए गलवान में मारे सैनिकों का नहीं होने दे रहा अंतिम संस्कार

चीन गलवां घाटी में मारे गए अपने सैनिकों के बलिदान को नजरअंदाज कर रहा है। अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार, चीन अपने सैनिकों द्वारा दिए गए बलिदान को मान्यता देने के लिए तैयार नहीं है। इसमें बताया गया है कि चीन की सरकार झड़प में मारे गए जवानों के परिजनों पर दबाव डाल रही है कि वे उनकी शव यात्रा और अंतिम संस्कार के समारोह का आयोजन न करें। 

भारत और चीन के सैनिकों के बीच 15 जून को गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुआ था। इसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। साथ ही चीन के भी 40 से अधिक सैनिक मारे गए थे। भारत ने बिना किसी हिचकिचाहट के सैनिकों के शहादत की बात को स्वीकार किया था। शहीदों को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी गई। चीन लगातार सैनिकों की मौत की बात से इनकार कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जून को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान गलवान घाटी संघर्ष में शहीद होने वाले सेना के जवानों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी। साथ ही कहा था कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।

चीन तो सैनिकों के मारे जाने पर दुख जताना तो दूर, वहां उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। पहले तो चीन की सरकार ने इस घटना के बाद सैनिकों के हताहत होने की बात से इनकार कर किया और अब सैनिकों को दफनाने से भी इनकार कर दिया है।

इस घटना के एक महीने बाद भी, चीन ने इस खूनी संघर्ष में मारे गए अपने जवानों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। 

चीन सरकार द्वारा अपने प्रियजनों को खोने वाले दुखी चीनी परिवारों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। पहले, चीनी सरकार ने इस घटना के बाद अपने जवानों के हताहत होने की संख्या को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और अब मारे गए सैनिकों के परिजनों को उनके शवों को दफनाने से मना कर दिया है। 

यूएस न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि चीन इस बात को स्वीकार नहीं कर रहा है कि उसके सैनिकों को इस झड़प में मार गिराया गया है, ताकि बीजिंग द्वारा की गई इस बड़ी भूल को छिपाया जा सके। 

यह झड़प तब हुई जब चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख की स्थिति में बदलाव करने की कोशिश की। भारत ने कहा है कि यदि चीनी पक्ष की ओर से उच्च स्तर पर समझौता किया गया होता, तो इस झड़प को टाला जा सकता है।

यूएस न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने गलवां घाटी में मारे गए सैनिकों के परिवार वालों से कहा है कि जवानों का पारंपरिक दफन समारोह किया जाए और सैनिकों के अवशेषों का अंतिम संस्कार किया जाए, लेकिन ये सभी कार्यक्रम दूर आयोजित किए जाएं, जिसमें कोई भी बाहरी व्यक्ति शामिल न हो। 

Publishing partner: Uprising

Sirf News needs to recruit journalists in large numbers to increase the volume of news stories. Please help us pay them by donating. Click on the button below to contribute.

Sirf News is now on Telegram as well. Click on the button below to join our channel (@sirfnewsdotcom) and stay updated with our unique approach to news

Chat with the editor via Messenger

Related Articles

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Stay Connected

22,042FansLike
2,827FollowersFollow
17,900SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

Translate »
[prisna-google-website-translator]
%d bloggers like this: