नई दिल्ली | पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की INX मीडिया मामले में अग्रिम ज़मानत की अर्ज़ी ख़ारिज होने के बाद उन्हें क़ानून से बचाने कांग्रेस खुल कर सामने आ गई है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने चिदंबरम का समर्थन करते हुए मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है।

राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ईडी, सीबीआई और कुछ मीडिया समूहों के माध्यम से चिदंबरम के चरित्रहनन की कोशिश कर रही है। वहीं प्रियंका ने कहा कि मोदी सरकार की “सच्चाई उजागर करने वाले चिदंबरम” के साथ सरकार असहज है।

मंगलवार को पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने चिदंबरम की अग्रिम ज़मानत खारिज कर दी और आज सर्वोच्च न्यायलय की पीठ ने जब मामले को भारत के मुख्य न्यायाधीश के सुपुर्द किया तो वहाँ भी तुरंत सुनवाई की अर्ज़ी रद्द हो गई। उन्हें सर्वोच्च न्यायालय से अंतरिम राहत अभी तक नहीं मिल सका।

चिदंबरम बिना बताए देश नहीं छोड़ पाएंगे

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई अधिकारी लगातार चिदंबरम की तलाश कर रहे हैं। चिदंबरम को लेकर एक लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है जिस कारण वह अब विदेश नहीं जा पाएंगे।

चिदंबरम पर सीबीआई और ईडी की कार्रवाई से नाराज़ कांग्रेस ने मोदी सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। राहुल ने ट्विटर पर मोदी सरकार के ख़िलाफ़ तीखी टिप्पणियां कीं। राहुल ने लिखा, “मोदी सरकार ईडी, सीबीआई और मीडिया के एक समूह का इस्तेमाल कर चिदंबरम को बदनाम कर रही है। मैं सत्ता के इस दुरुपयोग की निंदा करता हूं।”

क्योंकि चिदंबरम से मोदी सरकार परेशान — प्रियंका

इससे पहले प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस हर समय चिदंबरम के साथ खड़ी है और परिणामों की परवाह किए बिना वह सच्चाई के साथ खड़ी रहेगी। प्रियंका ने लिखा कि “योग्य और सम्मानित राज्यसभा सदस्य पी चिदंबरम ने दशकों तक देश की सेवा की है जिसमें वित्त मंत्री और गृह मंत्री के रूप में उनकी सेवा भी शामिल है। वह बेखौफ होकर सत्ता की हक़ीक़त बताते रहे हैं और इस सरकार की नाकामियों को उजागर करते आए हैं लेकिन यह सच्चाई कायरों को असहज कर रही है। इसलिए उनका शर्मनाक तरीके से पीछा किया जा रहा है। हम उनके साथ खड़े हैं और सच्चाई के लिए संघर्ष करते रहेंगे, चाहे परिणाम कुछ भी हों।”

सिंघवी भी समर्थन में आए

कांग्रेस के वरिष्ठ व विवादास्पद वकील-नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी चिदंबरम के समर्थन में ट्वीट किया, “एक सनसनी फैलाई जा रही है जिससे एक बड़े राजनीतिक व्यक्ति के चरित्र पर दाग़ लगाने की कोशिश हो रही है। जिन्हें भगोड़ा कहा जा रहा है वे कल शाम 6:30 बजे तक मेरे साथ कानूनी मुद्दों पर कैसे चर्चा कर सकते हैं?”

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दरअस्ल सिंघवी के ही बयान के मुताबिक़ यह बताया जा रहा है कि बीते कल की शाम के 6:30 बजे चिदंबरम को आख़री बार देखा गया। इसके बाद न तो उन्हें ईडी और न ही सीबीआई के अधिकारी ढूंढ पाए।

चिदंबरम को पिछले साल जुलाई से अब तक कई बार अग्रिम ज़मानत मिल चुका था पर INX मीडिया मामले में अन्य अभियुक्त इन्द्राणी मुखर्जी ने हिरासत में पुलिस को बताया कि जब वे और उनके पति पीटर मुखर्जी ने अपनी संस्था के लिए विदेशी पूंजीनिवेश की अर्ज़ी दी तो चिदंबरम ने उनसे कहा कि वे एक कंपनी बनाएँ जिसमें उनके बेटे कारती चिदंबरम को निदेशक नियुक्त करें तभी उन्हें अपनी कंपनी के लिए निवेश मिल पाएगा। यह जबरन रिश्वत मांगने या ब्लैकमेल करने के बराबर है पर चिदंबरम ने इस आरोप का खंडन किया है

Hinduचिदंबरम की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज होने के बाद से केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने जोर बाग़-स्थित चिदंबरम के आवास पर कई बार धावा बोला। चिदंबरम के वकील ने कहा कि लुकआउट नोटिस राजनीतिक प्रतिशोध के तहत जारी किया गया है क्योंकि पूर्व मंत्री के भाग जाने का कोई ख़तरा नहीं है।

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अब सब की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर हैं। सुप्रीम कोर्ट से रोक न लगने की सूरत में चिदंबरम की गिरफ्तारी निश्चित है।

मोदी सरकार के लिए चिदंबरम की गिरफ़्तारी व सज़ा क्यों ज़रूरी?

गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी यूपीए सरकार के ख़िलाफ़ लगे कई आरोपों के कारण जनता में तीव्र आक्रोश के बलबूते 2014 में भाजपा-नीत राष्ट्रीय जनतान्त्रिक गठबंधन को चुनाव में जीत दिलाते हुए भारत के प्रधानमंत्री बने। लेकिन उनके पहले पाँच साल के कार्यकाल में कांग्रेस का एक भी अभियुक्त नेता जेल नहीं गया। ऐसे में पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गलियारों में और वैचारिक समर्थकों में भी यह प्रश्न उठने लगा था कि मोदी क्या कांग्रेस के कथित भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ केवल शोर ही मचा सकते हैं?

सरकार की उस वक़्त कड़ी निंदा हुई जब सीबीआई कोर्ट ने 2G घोटाले मामले में आरोपित ए राजा को बाइज़्ज़त बरी कर दिया। जज ने कहा कि कम से कम एक साल तक वे सीबीआई से कहते रहे कि अभियुक्त के ख़िलाफ़ कोई ठोस दस्तावेज़ प्रस्तुत करे, पर जाँच संस्था के कानों में जूँ तक नहीं रेंगी! राजनैतिक स्तंभकारों ने आरोप लगाया कि उस समय प्रधानमंत्री इस फ़िराक में थे कि द्रमुक को राजग में शामिल कर लिया जाए चूँकि अन्ना-द्रमुक का भविष्य अनिश्चित लग रहा था। इसीलिए सीबीआई ने केस में ढिलाई बरती!

बीच में राहुल के जीजा रोबर्ट वाड्रा पर ज़मीन के गबन और पैसों की हेरा-फेरी के आरोप लगे और इसपर आए दिन शोर मचता रहता है पर किसी अदालत में उनपर लगे आरोप सिद्ध नहीं हो पाए हैं। नॅशनल हेरल्ड मामले में सोनिया व राहुल गाँधी ज़मानत पर बाहर हैं। ऐसे में चिदंबरम की गिरफ़्तारी और उन्हें कोर्ट द्वारा सज़ा दिलवाए जाने पर मोदी सरकार के अंतर्गत काम कर रही जाँच एजेंसियों पर लोग यह कहकर उंगली नहीं उठाएंगे कि ये संस्थाएँ कोर्ट में अकर्मण्य साबित होती हैं।

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Surajit Dasgupta
The founder of सिर्फ़ News has been a science correspondent in The Statesman, senior editor in The Pioneer, special correspondent in Money Life and columnist in various newspapers and magazines, writing in English as well as Hindi. He was the national affairs editor of Swarajya, 2014-16. He worked with Hindusthan Samachar in 2017. He was the first chief editor of Sirf News and is now back at the helm after a stint as the desk head of MyNation of the Asianet group. He is a mathematician by training with interests in academic pursuits of science, linguistics and history. He advocates individual liberty and a free market in a manner that is politically feasible. His hobbies include Hindi film music and classical poetry in Bengali, English, French, Hindi and Urdu.