नए राज्यपालों का जीवन परिचय

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नई दिल्ली – राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा शनिवार को पांच राज्यों के राज्यपाल और एक केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल की नियुक्ति की घोषणा कर दी गई| राष्ट्रपति कार्यालय ने शुक्रवार को देश के 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की घोषणा की है| ब्रिगेडियर सेवानिवृत्त डॉक्टर बीडी मिश्रा अरुणाचल के राज्यपाल, सत्य पाल मलिक बिहार के राज्यपाल, बनवारी लाल पुरोहित तमिलनाडु के राज्यपाल, प्रोफेसर जगदीश मुखी असम के राज्यपाल, गंगा प्रसाद मेघालय के राज्यपाल बनाए गए हैं| अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल एडमिरल सेवानिवृत्त देवेंद्र कुमार जोशी बनाये गए हैं| नव नियुक्त राज्यपालों का जीवन परिचय इस प्रकार है।

अरुणाचल के राज्यपाल : ब्रिगेडियर सेवानिवृत्त डॉक्टर बीडी मिश्रा
अरुणाचल के राज्यपाल बनाए गए ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) डॉक्टर बीडी मिश्रा का जन्म 20 जुलाई 1939 को हुआ था। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद ब्रिगेडियर मिश्रा ने 17 दिसम्बर 1961 को पैदल सेना में अधिकारी पद से अपना सैन्य जीवन शुरू किया और देश विदेश में विभिन्न युद्व व आंतरिक संकटों के समक्ष बहादुरी और पराक्रम का परिचय दिया था। 24 अप्रैल 1993 को अमृतसर के राजा सांसी एयरपोर्ट पर इंडियन एयरलाइंस के अपह्रत विमान के सभी 124 यात्रियों और क्रू सदस्यों को बिना किसी नुकसान के बचाने वाली एनएसजी ब्लैक कैट कमांडो का काउंटर हाईजैक टास्क फोर्स के कमांडर डॉक्टर मिश्रा ने अपने साथियों के साथ अदम्य साहस का परिचय दिया था और सभी अपहरणकर्ताओं को मार गिराया था। इस कार्य के लिए प्रधानमंत्री ने उनकी प्रशंसा की थी। वर्ष 1982 में चीनी आक्रमण, 1971 में बांग्लादेश युद्ध, 1987-88 में श्रीलंका मे लिट्टे के विरुद्ध 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ, 1963-64 में नागा विद्रोही के विरुद्ध,1990- 95 तक जम्मू कश्मीर और पंजाब में एनएसजी के कमांडर रहते हुए बहादुरी और युद्व कौशल का परिचय दिया था। वह 31 जुलाई 1995 में सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद भी कारगिल युद्ध में उन्होंने अपनी सेवाएं देने की इच्छा व्यक्त की थी।

बिहार के राज्यपाल : सत्य पाल मलिक
71 वर्षीय सत्य पाल मलिक को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है। वह केंद्र में संसदीय कार्य एवं पर्यटन राज्यमंत्री रहे थे। वह दो बार राज्यसभा सदस्य और 1989-1990 तक लोकसभा सदस्य रहे। 1974 से 1977 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा तथा कई संसदीय समितियों के अध्यक्ष भी रहे। सत्‍यपाल मलिक का जन्‍म उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 25 दिसम्बर 1952 को हुआ था| मलिक 1998 में सबसे पहले अलीगढ़ से चुनकर संसद तक पहुंचे थे| 20 फरवरी 2004 को मलिक भाजपा में शामिल हुए| पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी अभी तक बिहार के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे। मलिक का कहना है कि वह अपनी नई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी, निष्ठा व दिल से निभाएंगे।

तमिलनाडु के राज्यपाल : बनवारीलाल पुरोहित
77 वर्षीय बनवारीलाल पुरोहित को तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है। राज्य में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक पार्टी की महासचिव सुश्री जयललिता की मृत्यु के बाद से पूरा सूबा आंतरिक संकटों से जूझ रहा है। पिछले कुछ महीनों से वहां विपक्षी दल द्रमुक भी काफी सक्रिय है। ऐसी राजनीतिक परिस्थितियों में मौजूदा राज्यपाल विद्यासागर राव के स्थान पर महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर उनकी नियुक्ति उनके लिए चुनौती भी है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र से आने वाले बुजुर्ग नेता पुरोहित नागपुर से तीन बार लोकसभा सदस्य रहे। वह 1979-1980, 1984 और 1988 में वह कांग्रेस टिकट पर महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य बने। 1996 में वह भाजपा टिकट पर चुने गए। उन्हें 1991 में अयोध्या में कार सेवा करने पर कांग्रेस से निकाल दिया गया था। 8 वर्ष भाजपा में रहने के बाद में 1999 में पुन: कांग्रेस में लौट गए थे। 1999 में रामटेक से लोकसभा चुनाव हार गए। उन्होंने तब विदर्भ राज्य पार्टी बनाई और नागपुर से चुनाव लड़ा। 2009 में वह भाजपा के टिकट पर नागपुर से चुनाव लड़े पर कांग्रेस के विलास मुत्तेमवार से चुनाव हार गए। 2009 में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक बाला साहब देवरस और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बीच 1 घंटे की भेंट वार्ता कराने का दावा करने पर विवाद में फंस गए थे। वर्तमान में वह हितवाद अंग्रेजी दैनिक के प्रबंध संपादक है।

असम के राज्यपाल : जगदीश मुखी
पाकिस्तान के कब्जे वाले पंजाब में एक दिसम्बर 1942 को जन्मे जगदीश मुखी को असम का राज्यपाल बनाया गया है| वह अभी तक अंडमान निकोबार दीप समूह के उपराज्यपाल हैं। देश विभाजन के समय 1947 में उनका परिवार गुरुग्राम में आकर बस गया था। छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ गतिविधियों में लिप्त रहने वाले मुखी जनकपुरी क्षेत्र से सात बार निर्वाचित हुए और दिल्ली सरकार में वित्त, नियोजन, उत्पाद एवं कर निर्धारण तथा उचित शिक्षा विभागों के मंत्री रहे। जगदीश मुखी दिल्ली के काफी अनुभवी नेता माने जाते हैं| मुखी को दिल्ली विधानसभा में दो बार बेस्ट एमएलए अवॉर्ड भी मिल चुका है| उन्हें देश के सर्वश्रेष्ठ प्लानिंग मिनिस्टर के रूप में भी सम्मानित किया जा चुका है| अगस्त 2016 में जगदीश मुखी ने अंडमान और निकोबार द्वीप के लिए 12वें लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में पद ग्रहण किया था| मुखी दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी रह चुके हैं| साथ ही इन्होने ‘कंपनी लॉ एंड सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस’ नामक एक पुस्तक भी लिखी है| मुखी दिल्ली के जनकपुरी मंडल के अध्यक्ष पद पर रहते हुए अलग-अलग स्तर पर काम किया है जिसमें भाजपा पश्चिम जिला के महासचिव और अध्यक्ष, दिल्ली भाजपा के महासचिव और जम्मू और कश्मीर और हरियाणा के लिए भाजपा मामलों के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं|

मेघालय के राज्यपाल : गंगा प्रसाद
मेघालय के राज्यपाल नियुक्त हुए गंगा प्रसाद पहली बार 1994 में बिहार विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए थे। 18 वर्ष तक बिहार विधान मंडल के सदस्य रहे जिनमें उनका राज्य विधानसभा का 5 वर्ष का कार्यकाल शामिल है। वह राज्य में राजग शासन काल में विधान परिषद के नेता भी रहे थे। बिहार में जनसंघ के काल से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत उन्होंने 18 साल की उम्र से की थी| बिहार राज्य आर्य प्रतिनिधि सभा, बिहार राज्य खाद्यान्न व्यवसायी संघ, अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन और अखिल भारतीय चौरसिया महासभा जैसे संगठनों में वे काफी सक्रिय रहे है| गंगा प्रसाद का कहना है कि मेघालय का विकास उनकी प्राथमिकता रही है| उन्होंने कहा कि नए दायित्व को वो अच्छे से वहन करेंग और मेघालय के विकास के लिए सभी दलों से मिलकर सबको साथ लेकर चलेंगे|

अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल : एडमिरल सेवानिवृत्त देवेंद्र कुमार जोशी
भारतीय नौसेना के 21वें प्रमुख बनने वाले एडमिरल सेवानिवृत्त देवेंद्र कुमार जोशी को केंद्र शासित प्रदेश अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल बनाया गया है। 4 जुलाई 1954 को अल्मोड़ा में जन्मे जोशी ने 31 अगस्त 2012 को नौसेना अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला था। वह पनडुब्बी युद्ध के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने कई दुर्घटनाएं एक के बाद एक होने पर 26 फरवरी 2014 को त्यागपत्र दे दिया था और ऐसा करने पर वह भारतीय नौसेना अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले प्रथम व्यक्ति बन गए थे। उच्च शिक्षा प्राप्त जोशी नौसेना में अनेक अहम पदों पर रहे और अनेक महत्वपूर्ण सेवा पदक से सम्मानित भी किए गए। बाद में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे।

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