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सुशांत सिंह की जन्मवार्षिकी आज, अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची CBI

सुशांत के प्रशंसक उनके असामयिक निधन के बाद आए पहले जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। एक दिन पहले से ही सोशल मीडिया पर उनका नाम ट्रेंड भी करने लगा

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21 जनवरी (आज) दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की जन्मवार्षिकी है। उनके फैंस लगातार उन्हें याद कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर अपनी यादें साझा कर रहे हैं। 14 जून 2020 को सुशांत का शव पंखे से लटका मिला लिकिन इसे आत्महत्या मानने से देश के लोगों ने इनकार कर दिया। मुंबई पुलिस की अजीब-ओ-ग़रीब हरकतों के बाद आख़िर केस सर्वोच्च न्यायलय के निर्देश से सीबीआई के सुपुर्द हुआ। पर इतने दिनों बाद भी सीबीआई किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।

सीबीआई ने कहा है कि सुशांत मुआमले में सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है और फ़िलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने भाई के प्रशंसकों से उनकी बीती जिंदगी का जश्न मनाने और 21 जनवरी को उनका जन्मदिन प्यार बांटकर मनाने का आग्रह किया है। उन्होंने लिखा, “हमें भाई का जन्मदिन 21 जनवरी को कैसे मनाना चाहिए .. कोई सुझाव ..#SushantBirthdayCelebration.”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं उसके गानों पर और लोगों द्वारा डांस कर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए देखना पसंद करूंगी। आइए, उसके जीवन का जश्न मनाएं और प्यार और आनंद फैलाने में मदद करें, #SushantBirthdayCelebration.

उन्होंने कहा, “सुशांत के जन्मदिन पर 3 लोगों की नि:स्वार्थ रूप से मदद करना और उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करना कैसा रहेगा। हम उसके जन्मदिन पर 15 मिनट का ग्लोबल मेडिटेशन सेशन भी कर सकते हैं।”

श्वेता ने अपने सोशल मीडिया पर सुशांत के साथ तस्वीर भी शेयर की है।

इन सवालों के जवाबों के इंतजार में है सुशांत का हर प्रशंसक, सबकी आस, सीबीआई जांच

सुशांत के प्रशंसक उनके असामयिक निधन के बाद आए पहले जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। एक दिन पहले से ही सोशल मीडिया पर उनका नाम ट्रेंड भी करने लगा। प्रशंसकों के मन में रह रह कर बहुत से सवाल उठते हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि आखिर इस घटना का जिम्मेदार कौन? इस केस में कुछ और भी सवाल हैं जिनका जवाब देशवासियों को चाहिए।

सुशांत की मौत के बाद उनके पिता केके सिंह ने रिया चक्रवर्ती पर एक एफ़आईआर दर्ज करवाई थी जिसमें उन्होंने रिया पर कई अभियोग लगाए। उन्होंने पिछले साल 25 फरवरी को ही मुंबई के बांद्रा स्थित पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बेटे की जान को ख़तरा है। उनका कहना था कि रिया चक्रवर्ती उनके बेटे को अपने प्यार के जाल में फँसा कर उनके पैसे ऐंठने और सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने की कोशिश कर रही हैं। इतना जानने के बाद भी मुंबई पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की।

सुशांत की मौत 14 जून 2020 को हुई। जब इसकी जांच करने के लिए मुंबई पुलिस घटनास्थल से सबूत उठाए, तस्वीरें लीं और सुशांत के घर से बाहर आते ही कह दिया कि सुशांत के कमरे में जाने के लिए उनका दरवाज़ा तोड़ना पड़ा और उनका शव पंखे से लटका मिला। इस आधार पर पुलिस ने इस मुआमले को सीधे आत्महत्या करार दे दिया। न कोई कार्यवाही और न कोई पूछताछ।

पुलिस को सुशांत से जुड़े लोगों से पूछताछ में पता चला कि सुशांत ने बहुत ही जल्दी में लगभग 50 सिम कार्ड बदल दिए थे। बताया गया कि सुशांत को अंडरवर्ल्ड से धमकियाँ मिल रही थीं। वह अक्सर अपना नंबर बदल देते थे और फिर उनके क़रीबी लोग उनका नया नंबर भी ऊपर तक पहुँचा देते। इस पर पुलिस ने कार्यवाही क्यों नहीं की?

सुशांत के फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी का पता पुलिस ने क्यों नहीं लगाया? शुरुआती जांच में अगर पुलिस ने अपार्टमेंट का सीसीटीवी कैमरा देखा होता तो शायद बहुत कुछ बातें उसी समय साफ़ हो सकती थीं।

सिद्धार्थ पिठानी सुशांत का बहुत नज़दीकी दोस्त रहा। सुशांत के घर में वह उनके साथ ही रहता था। जब सुशांत की मौत हुई और सारा मुआमला एक एक करके खुलने लगा तो सिद्धार्थ पाला बदलकर रिया चक्रवर्ती की ओर जाकर मिल गया। सुशांत के अंतिम दिनों में सिद्धार्थ उनका क़रीबी था तो पुलिस और सीबीआई ने भी सिद्धार्थ से खूब पूछताछ की। सिद्धार्थ इस कार्यवाही में लगातार बयान बदलता रहा। उसको लेकर भी सवाल यह रहा कि आखिर अंत समय में उसने पाला क्यों बदला?

सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच के दौरान ही एक दिन रिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करके इस केस में सीबीआई की जांच की मांग की। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह के नाम संदेश लिखकर देश की न्याय प्रणाली में अपना भरोसा दिखाया। यही रिया सुशांत केस के शुरुआती दौर में सीबीआई जांच के खिलाफ रहीं। उन्होंने सुशांत के केस में सीबीआई की जांच करने वाले लोगों की मांग को ग़ैर-क़ानूनी और न्याय के विरुद्ध बताया। रिया का यह बदलता रुख़ भी शक के दायरे में है।

महाराष्ट्र सरकार सीबीआई जांच के ख़िलाफ़ क्यों रही?

आरोप यही रहा कि अभिनेता सुशांत सिंह मामले में मुंबई पुलिस ने शुरुआत से ठीक-ठाक जाँच नहीं की। जब जाँच सीबीआई को सौंपने की बात की गई तो पुलिस इसमें भी सहमत नज़र नहीं आई। महाराष्ट्र सरकार ने भी सीबीआई जाँच की मांग पर सवाल उठाए। उन्होंने हवाला दिया कि मुंबई पुलिस ने मुंबई हमलों जैसे केस की जाँच की है तो इस केस के लिए उन पर ही भरोसा जताना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो यह मुंबई पुलिस की क़ाबिलियत पर सवाल उठाना है।

शुरुआत में तो पुलिस ने सुशांत की मौत को आत्महत्या घोषित कर दिया लेकिन बाद में जब जाँच हुई तो और दर्जनों लोगों से पूछताछ हुई तो समय-समय पर यह भी ख़बर आती रही थी कि इस केस में महाराष्ट्र के एक युवा नेता का भी हाथ है हालांकि इस बात को लेकर न तो महाराष्ट्र पुलिस और न ही सीबीआई कभी कुछ पक्के तौर पर कह सकी।

सुशांत सिंह राजपूत मुआमले में केस चलता रहा और कार्यवाही होती रही। फिर अचानक से सुशांत के घर वालों ने एक बयान जारी किया किया जिसमें कहा गया कि उनके परिवार पर कीचड़ उछाला जा रहा है। सुशांत के परिवार ने एक पत्र जारी किया जिसमें उन्होंने बताया कि सुशांत की चार बहनें हैं और एक बूढ़े पिता हैं। कुछ लोग उनको सबक सिखाने की धमकी दे रहे हैं, साथ ही उन सब के चरित्र पर भी कीचड़ उछाला जा रहा है। इस बात से सुशांत का परिवार बहुत दुखी था।

सुशांत की मौत से कोई पाँच दिन पहले ही उनकी मैनेजर रह चुकीं दिशा सालियान की भी मौत हो गई थी। बहुत से लोगों ने इन दोनों घटनाओं को एक साथ जोड़ कर देखा। उस मौत की जाँच भी मुंबई पुलिस ने ठीक से नहीं की बल्कि दिशा के मरने के पचास दिन बाद मुंबई पुलिस ने एक विज्ञप्ति के द्वारा शहर के लोगों से पूछा कि यदि उन्हें उस मौत के बारे में कोई जानकारी है तो पुलिस की मदद करें!

सुशांत दिशा की मौत के बाद बिल्कुल टूट गए थे और उसके बाद उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया।

उधर पुलिस और सीबीआई इन दोनों घटनाओं को जोड़ने की कोशिश करती रही लेकिन आज तक तो कोई सुराग़ मिला नहीं। सुशांत के प्रशंसकों को तो इस मौत की गुत्थियों के सुलझने की प्रतीक्षा है।

केस की जाँच के दौरान पुलिसिया पूछताछ में रिया चक्रवर्ती ने बताया कि सुशांत डिप्रेशन में थे। जब यही बात पुलिस ने सुशांत के घर में काम करने वाले स्टाफ़ और सुशांत के घरवालों से पूछी तो उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। सुशांत की बहन ने ज़रूर अपने बयान में पुलिस को बताया कि पिछले कुछ समय से सुशांत डिप्रेशन की दवाइयाँ ले रहे थे लेकिन उन्होंने एक आध हफ्ते से वह दवाइयाँ लेना बंद कर दी थीं। इस बात की पुष्टि सुशांत के डॉक्टर ने भी की। इनके अलावा सवाल तो और भी हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो फिर भी यही आता है कि आख़िर इस घटना की वजह क्या थी?

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माननीय प्रधानमंत्री जी,

2018 में आपने कहा था कि कालाधन और बेनामी लेनदेन समाप्त करने के लिए आधार को संपत्ति से लिंक किया जाएगा

यदि 50,000₹ से अधिक लेनदेन पर आधार अनिवार्य करने के लिए कानून बन गया होता तो न शाहीन बाग होता, न दिल्ली दंगा और न किसान आंदोलन

@PMOIndia @narendramodi

गेस्ट हाउस कांड वालों के मुंह से दलितों के हित की बात अच्छी नहीं लगती

आप ही के अब्बाजान और उनके गुंडो ने मायावती जी पर हमला करवाया था ना ?

आपकी जानकारी हेतु प्रयागराज (इलाहाबाद नहीं) घटना पर पोलिस अपनी कार्यवाही तेजी से कर रही है । शायद यह दबंग भी आप ही के न हो ।

Akhilesh Yadav@yadavakhilesh

इलाहाबाद के फाफामऊ में दबंगों के द्वारा 4 दलितों की हत्या दलित विरोधी भाजपा सरकार पर एक और बदनुमा दाग़ है।

घोर निंदनीय!

उम्मीद है ये अपराधी बिना चश्मे के भी दिख जाएँगे…

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