फुटबॉल के महाकुम्भ में बड़े खिलाड़ियों पर दारोमदार

अब ब्राजील की बात करें, तो 16 साल से कप का इंतजार कर रहे ब्राजील को अपने तेजतर्रार खिलाड़ी नेमार से बड़ी उम्मीदें हैं

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साढ़े तीन लाख की आबादी वाले देश ने फीफा विश्व कप की बत्तीस टीमों में अपना नाम दर्ज कराया तो एक बार फुटबॉल प्रेमियों में आइसलैण्ड टीम को डार्क हॉर्स के नाम से नवाजा जाने लगा था। विश्व कप में पहली बेश करने वाली इस टीम ने यूरोपीय चैम्पियनशिप में जब क्रिस्तीनो रोनाल्डो की टीम को ड्रॉ पर विवश किया और भारी भरकम इंग्लैंड को परास्त किया तो यह धारणा बनाना किसी के लिए भी स्वाभाविक था। इस पर अर्जेंटीना के स्टार डिएगो मारडोना ने दो बार चैम्पियन को हराने पर आइसलैण्ड टीम के समर्थन में कसीदे पढ़े तो इसके स्टार खिलाड़ी होल्डोरसन की आंखें खुली की खुली रह गई थी। यह स्वाभाविक भी था। यह दिन देखने के लिए आइसलैण्ड ने दो दशक तक हजारों खिलाड़ी और सैकड़ों कोच जो खड़े किए थे। चार बार की विश्व कप विजेता इटली और पनामा के खिलाफ विवादस्पद गोल की शिकार अमेरिका क्वालिफाई करने से रह गई। बेशक, विश्व कप की बात और ही होती है, इसमें खिलाड़ी और टीमें नहीं, दो देशों की सेनाएं जंग के मैदान में होती हैं। इस पावर गेम में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाती।

रियो चैंपियन जर्मनी को प्रबल दावेदार समझा जा रहा है। उसे अपने स्टार टीम वारनेर पर भरोसा भी है, पर वह अचूक निशानेबाज स्टार खिलाड़ी लियरोय साने को घर क्यों छोड़ आई? जर्मनी को ग्रुप एफ में मेक्सिको, स्वीडन और कोरिया से किसी बड़ी चुनौती की उम्मीद नहीं है तो फ्रांस अपने ग्रुप सी में ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क और पेरू को सहज परास्त करने में सक्षम है। इस बार कप की प्रबल दावेदार टीमों में अर्जेंटीना और ब्राजील से भी बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। अर्जेंटीना के बेशकीमती स्ट्राइकर लियोनेल मैसी पर दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें लगी हुई हैं। लियोनेल मैसी के लिए यह आखिरी मौका भी है। मैसी और पाइलो डिबाला की जोड़ी चल निकलती है, तो वह कहर ढाने में सक्षम है।

सीनियर पाइलो विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मैचों में 29 गोल कर चुके है। वह 3-4-3 शैली में खेलते हुए कहर बरपाते हैं। अब ब्राजील की बात करें, तो 16 साल से कप का इंतजार कर रहे ब्राजील को अपने तेजतर्रार खिलाड़ी नेमार से बड़ी उम्मीदें हैं। रियो में खेल नहीं पाने के पीछे इस स्टार खिलाड़ी का घायल होना बताया गया है। इस टीम के कलात्मक खेल के लिए हर बार नयेपन की उम्मीद गड़ाए दर्शक सांसें रोके अंतिम मूव की इंतजार में लगे रहते हैं। ब्राजील का भी अपने ग्रुप ई से क्वार्टर फाइनल में आना तय प्रतीत होता है। उसे अपने ग्रुप में पहला मैच स्विट्जरलैंड से खेलना है, जबकि कोस्टा रिका और सर्बिया, दो अन्य सहज टीमें हैं। उरुग्वे जैसी टीमों में से एक को चैंपियनशिप का प्रबल दावेदार समझा जा रहा है। फीफा विश्व कप फुटबॉल के उद्घाटन मैच में मेजबान रूस और जांबाज सऊदी अरब के खिलाड़ी जब पहला मैच खेल रहे होंगे, तब खाड़ी में मित्र देश के लाखों फुटबॉल प्रेमी रमजान की इफ़्तार में दुआ मांग रहे होंगे।

मेजबान दर्शकों की दिली इच्छा होगी कि यूरोपीय सेक्टर में धूम मचाने वाले तेज तर्रार 28 वर्षीय फ्योदार समालोव (14 गोल) फिर से अपना कमाल दिखाएं। यों इस पावर गेम के ग्रुप मैच में वह उरुग्वे को दबोच लेता है, तो अंतिम आठ में आना सहज होगा। यह मैच मॉस्को के लझनिकी स्टेडियम में होगा। यूरोपीयन चैम्पियनशिप में दो साल पहले रूस के दर्शकों ने ब्रिटिश दर्शकों के साथ जमकर दंगा किया था। बदले में रूस अब अपने घर में कोई हिंसात्मक कार्रवाई नहीं चाहता। इसके लिए रूस ने सम्भावित दो हजार दंगाइयों की एक सूची तैयार की है, जबकि स्टेडियम के इर्द-गिर्द पुलिस का भारी इंतजाम किया गया है। ब्रिटिश विदेश विभाग ने भी अपने फुटबॉल प्रेमियों से संयत में रहने का आग्रह किया है।