Sunday 11 April 2021
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PoliticsIndiaबाग़पत में यूपी पुलिस ने किसानों को खदेड़ करवाया धरना ख़त्म

बाग़पत में यूपी पुलिस ने किसानों को खदेड़ करवाया धरना ख़त्म

बागपत के एडीएम के मुताबिक, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने पुलिस को चिट्ठी लिखी थी कि प्रदर्शन के कारण उनका निर्माण कार्य बाधित हो रहा था, इसीलिए कार्यवाई की गई

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दिल्ली की घटना के बाद बाग़पत में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए 40 दिन से चल रहे धरने को जबरन ख़त्म करवा दिया। पुलिस ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर बैठे सैकड़ों किसानों को धरनास्थल से खदेड़ते हुए टैंट तक उखाड़ फेंक दिए और लाठियाँ भी चलाईं। घटनास्थल पर तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

बड़ौत में कृषि कानूनों के विरोध में क़रीब 40 दिन पूर्व खाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में धरने की शुरुआत हुई थी। बाद में सुरेन्द्र सिंह धरने से अलग-थलग हो गए थे। सुरेन्द्र सिंह के हटने के बाद दूसरे खापों के चौधरियों ने बेमियादी धरने का नेतृत्व संभाला।

धीरे-धीरे कई किसान संगठनों के साथ खाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह दुबारा से धरनास्थल पर लौट आए। गत दिवस गणतंत्र दिवस पर बड़ौत धरनास्थल से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर रैली में गए थे। दिल्ली की घटना के बाद 27 जनवरी दोपहर तक अधिकांश किसान दिल्ली से अपने-अपने गाँव और बेमियादी धरनास्थल पर लौट आए थे।

27 जनवरी को पूरे दिन एडीएम अमित कुमार सिंह एवं एएसपी मनीष मिश्र ने किसानों से धरना समाप्त करने के लिए वार्ता की लेकिन किसान अपनी मांगों पर अडिग रहे। पुलिस प्रशासनिक अफ़सर रात 11 बजे भारी पुलिस फ़ोर्स के साथ धरनास्थल पर पहुँचे और किसानों को खदेड़ते हुए धरना ख़त्म करवा दिया। बाग़पत के इस स्थान पर एसपी अभिषेक सिंह, एसडीएम दुर्गेश मिश्र, सीओ आलोक सिंह आदि मौजूद थे। मुआमले में एसपी अभिषेक सिंह कुछ भी बोलने से बच रहे थे।

19 दिसंबर से धरना दे रहे किसानों की आधी रात को खेदड़ दिया गया। ये किसान दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर धरना दे रहे थे। पुलिस ने लाठी चार्ज किया और किसानों को खदेड़ दिया। उनका टेंट उखाड़ दिया और सामान अस्तव्यस्त कर दिया।

बाग़पत के एडीएम के अनुसार नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने पुलिस को चिट्ठी लिखी थी कि प्रदर्शन के कारण उनका निर्माण कार्य बाधित हो रहा था, इसीलिए कार्यवाही की गई।

गृह मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि सभी संदिग्ध दंगेबाज़ किसान नेताओं के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी किया जा सकता है, साथ ही उनके पासपोर्ट भी जब्त हो सकते हैं ताकि कोई भी विदेश ने भाग सके।

इस बीच दिल्ली पुलिस ने 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी किया है। इनमें योगेंद्र यादव, बलदेव सिंह सिरसा, बलबीर सिंह राजेवाल शामिल हैं। इनसे तीन दिन में जवाब देने को कहा गया है और बताने को कहा गया है कि आख़िर ट्रैक्टर मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस के साथ हुआ समझौता क्यों तोड़ा गया।

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