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Monday 6 July 2020

भंवरी देवी कांड में सीबीआई को गुमराह कर रही हैं मुख्य सूत्रधार इंदिरा

जोधपुर — बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी अपहरण और हत्याकांड की मुख्य सूत्रधार इंदिरा विश्नोई अभी भी सीबीआई को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। वह बार-बार अपने बयानों को बदल रही है। वह कभी भंवरी की हत्या के लिए महिपाल मदेरणा तो कभी उसकी पत्नी लीला मदेरणा को जिम्मेदार ठहरा रही है।

भंवरी मुआमले की मास्टरमाइंड इंदिरा बिश्नोई ने अब तक की सीबीआई पूछताछ में अपने ऊपर लगे हत्या की साजिश रचने के आरोपों से इनकार किया है। अब उसने भंवरी की हत्या का पूरा दोष महिपाल मदेरणा की पत्नी लीला के सिर पर मढ़ दिया है। उसका कहना है कि इस हत्याकांड के पीछे लीला का हाथ व दिमाग है। इंदिरा शुरू से ही सीबीआई की पूछताछ में लीला का नाम ले रही है।

करीब साढ़े पांच घंटे पहले भी इंदिरा के कहने पर ही सीबीआई ने लीला मदेरणा को पूछताछ के लिए बुलाया था। उस दौरान लीला ने सीबीआई को भंवरी और मदेरणा के रिश्तों की जानकारी को स्वीकार भी किया था। तब लीला ने अपने बयानों में कहा था कि किसी महिला से संबंध गुनाह नहीं है हालांकि यह पत्नी के लिए दुख की बात है। उस दौरान सीबीआई ने इस हत्याकांड में लीला मदेरणा की भूमिका की जांच की थी, लेकिन उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। इसलिए अब तक अदालत में पेश तीनों चार्जशीटों में लीला का नाम नहीं है।

सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान इंदिरा विश्नोई जांच को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। हालांकि उसके बयानों की पुष्टि भी की जा रही है। वह लीला मदेरणा का नाम ले रही है जिससे पहले पूछताछ हो चुकी है। नई बात सामने आने पर जरूरत पड़ी तो लीला मदेरणा से भी पूछताछ की जा सकती है। इसके अलावा इंदिरा विश्नोई कुछ और बातें कह रही है जिसकी तस्दीक करवाई जा रही है। अगर रिमांड में इंदिरा से कोई नये तथ्य सामने आते है तो जांच करके सीबीआई क्लोजिंग चार्जशीट पेश करेगी।

भंवरी देवी मुआमले में आरोपी कोर्ट में पेश

भंवरी मामले के आरोपियों को मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। इंदिरा विश्नोई की गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों की सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया है। मामले के मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा को भी व्हील चेयर पर बिठाकर कोर्ट तक लाया गया। इस मामले में सोमवार को अभियोजन पक्ष के गवाह तथा सीबीआई में निरीक्षक रहे मुकेश शर्मा की भी सोमवार को गवाही हुई थी। एससी/एसटी कोर्ट में शर्मा के परीक्षण के बाद उनसे बचाव पक्ष की ओर से जिरह की जानी थी, लेकिन समयाभाव के कारण जिरह को मंगलवार के लिए टाल दी गई थी।

गौरतलब है कि शर्मा अब अपने मूल विभाग राजस्थान पुलिस में लौट आए है तथा वर्तमान समय मे पोकरण में पदस्थापित है।

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