Sunday 11 April 2021
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Crimeबंगाल भाजपा मंडल अध्यक्ष का लटकता शव — क्या है संदेश?

बंगाल भाजपा मंडल अध्यक्ष का लटकता शव — क्या है संदेश?

भाजपा IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि तृणमूल के 'गुंडों' ने पहले चरण के वोटिंग से 72 घंटे पहले बंगाल भाजपा मंडल अध्यक्ष की हत्या की है

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पश्चिम बंगाल के कुचबिहार ज़िले के दिनहाटा टाउन मंडल के अध्यक्ष अमित सरकार का शव मिलने के बाद क्षेत्र तनावग्रस्त है। मंडल अध्यक्ष का शव दिनहाटा में लटकती हालत में बरामद किया गया।

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बरसों से भाजपा कार्यकर्ताओं ने शिकायत की है कि सत्तारूढ़ पार्टी के कथित गुर्गे न केवल उन्हें प्रताड़ित करते हैं बल्कि हत्याएँ कर के लाशें लटकती अवस्था में छोड़ जाते हैं — क्षेत्र के लोगों को आतंकित करने के उद्देश्य से ताकि और कोई तृणमूल कांग्रेस शासन के विरुद्ध आवाज़ उठाने का साहस न करे। अमित सरकार की हत्या को लेकर भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि हत्या के पीछे तृणमूल कांग्रेस के कथित गुंडों का हाथ है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि तृणमूल चाहती है कि ऐसा करके वह भाजपा कार्यकर्ता को डर कर घर में बैठा देंगे लेकिन हमलोग ऐसा नहीं होने देंगे। चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखेंगे।

अमित सरकार का शव दिनहाटा वेटनरी हॉस्पिटल के परिसर से बरामद किया गया है। मौके पर बंगाल पुलिस पहुंच कर शव को कब्जे ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। खबर लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं किया गया है।

मंडल अध्यक्ष का शव मिलने के बाद भाजपा आईटीसेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने पहले चरण के वोटिंग से 72 घंटे पहले भाजपा नेता की हत्या की है। क्या ‘खॅला हॉबे’ का यही आशय है? भाजपा ने 130 से ज्यादा कैडर राज्य में खो दिए हैं।

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ख़ूनी नक्सल आंदोलन की जन्मभूमि और 1960 के दशक के अंतिम भाग से राजनैतिक हत्याओं का गढ़ रहे बंगाल में पिछले कई वर्षों से ऐसी घटनाओं की दर में भारी उछाल आया है। पहले सीपीएम वालों पर आरोप लगता था कि वे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को दिन-दहाड़े मौत के घाट उतार देते थे। मरीचझापी और साईं बाड़ी के दिल दहला देने वाले नरसंहार का आरोप कम्युनिस्टों पर लगा तो आनंदमार्गियों के जुलूस पर हमला कर उनके नेताओं के क़त्ल का आरोप भी तत्कालीन सत्तारूढ़ वामपंथी गठबंधन पर लगा।

लेकिन उस दौरान कई वर्षों में एक बार ऐसी घटनाएँ होती थीं जबकि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में बंगाल में भाजपा के प्रवेश के बाद आए दिन ऐसी घटनाएँ रिपोर्ट होती हैं — जैसे कि नक्सल आंदोलन के समय 60 के दशक में नक्सलियों के हाथों और फिट सिद्धार्थ शंकर राय की पुलिस के हाथों हत्याएँ हुआ करती थीं।

पश्चिम बंगाल में कुल आठ चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण में 30 सीटों पर 27 मार्च को वोटिंग होगी। वहीं, दूसरे चरण में 30 सीटों पर एक अप्रैल को, तीसरे चरण में 31 सीटों पर 6 अप्रैल को, चौथे चरण में 44 सीटों पर 10 अप्रैल को, पांचवें चरण में 45 सीटों पर 17 अप्रैल को, छठे चरण में 43 सीटों पर 22 अप्रैल को, सातवें चरण में 36 सीटों पर 26 अप्रैल को और आठवें और अंतिम चरण में 35 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।

पाँच राज्यों में एक साथ 2 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगें।

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