जम्मू-कश्मीर — सीआरपीएफ़ मुख्यालय पर हमला, 4 आतंकवादी ढेर

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श्रीनगर — सोमवार तड़के चार हथियार बंद आतंकियों ने उत्तरी कश्मीर के सुंबल-बांदीपोर में सीआरपीएफ़ के कैंप पर हमला किया, लेकिन चौकन्ने व हमेशा से तैयार जवानों ने उनके हमले को नाकाम बना चार आतंकियों को ढेर कर दिया।

हथियारों से लैस लश्कर ने 4 सुंबल में स्थित सीआरपीएफ़ की 45वीं वाहिनी के एक शिविर को निशाना बनाया। इस शिविर में चार्ली और डेल्टा कंपनी का मुख्यालय है। आतंकियों ने निकटवर्ती बागों में से कैंप पर फ़ायर करते हुए कैंप में दाख़िल होने का प्रयास किया, लेकिन जवानों ने जवाबी फ़ायर किया और उसके बाद शुरू हुई मुठभेड़ में चारों आतंकी मारे गए।

मारे गए आतंकियों के पास से भारी गोली बारूद भी बरामद किया गया है। आतंकियों के शवों से तलाशी के दौरान चार एसॉल्ट राइफलें, एक दर्जन के क़रीब ग्रेनेड व यूबीजीएल, पाऊच, भारी मात्रा में कारतूस, दवाएँ, कोल्ड ड्रिंक्स, 3 रेडिया सेट, जीपीएस, मैट्रिक्स शीट व अन्य साज़-ओ-सामान मिला है।

उधर कश्मीर में गत 3 जून को सेना के काफिले पर आतंकी हमले के दौरान शहीद हुए 2 जवानों में से 1 दीपक माईती का शव सोमवार तड़के उनके पैतृक गांव पहुंचा।

पश्चिम मेदिनिपुर ज़िले के सवंग थाना अंतर्गत शहीद के गांव मसाग्राम में देश के लिये सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादूर जवान के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आसपास के कई गांवों के लोग शहीद का शव पहुंचने से पहले ही उनके घर के पास भीड़ जमा हो चुकी थी। शहीद का शव गांव में पहुंचते ही भारी अफरा-तफरी देखी गई। शहीद के परिजन शव को देख कर बिलखने लगे वहीं गांव वालों की आंखें भी नम थी। हालांकि गम के साथ-साथ लोगों में इस बात का गर्व भी था कि उनके गांव के एक लड़के ने देश के लिए शहादत देकर पूरे गांव को गौरवान्वित किया है।

जम्मू-कश्मीर में शहीद सैनिक मणिवानन के परिवार के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीसामी ने 20 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।

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