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Wednesday 8 July 2020

अल क़ायदा का मुसलमानों को आह्वान — भारत के ख़िलाफ़ छेड़ो जिहाद

इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC), कुवैत सरकार और कई अरब देशों व अरबी मूल के लोगों द्वारा भारत पर इस्लाम के प्रति घृणा फैलाने के आरोप के एक दिन बाद ही अल क़ायदा का यह बयान आया जिससे अब फ़र्क़ करना मुश्किल हो गया है कि आतंकवादी और 'मॉडरेट मुस्लिम' में अंतर क्या है

अल क़ायदा प्रमुख अयमान अल-ज़वाहिरी के कश्मीर में आतंकवादियों को भारत के ख़िलाफ़ आतंकवादी हमले करने के लिए उकसाने के लगभग एक साल बाद इस्लामी संगठन ने सोमवार को भारतीय मुसलमानों से इस्लामिक जिहाद में शामिल होने का आग्रह किया।

विश्व स्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादी समूह अरब प्रायद्वीप में यमन के अल क़ायदा (Yemen’s Al Qaeda in the Arab Peninsula या AQAP) ने एक बयान जारी कर भारत के मुसलमानों पर वैश्विक युद्ध का हिस्सा होने का आरोप लगाया।

इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC), कुवैत सरकार और कई अरब देशों व अरबी मूल के लोगों द्वारा भारत पर इस्लाम के प्रति घृणा फैलाने के आरोप के एक दिन बाद ही अल क़ायदा का यह बयान आया जिससे अब फ़र्क़ करना मुश्किल हो गया है कि आतंकवादी और ‘मॉडरेट मुस्लिम’ में अंतर क्या है।

अरब देशों में भारत-विरोधी भावना अगर नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और कश्मीर के बारे में पाकिस्तानी दुष्प्रचार का परिणाम थे तो तबलीगी जमात पर जानबूझ कर कोरोनावायरस फैलाने के आरोप से इस्लामी समाज की आँखें नहीं खुलीं बल्कि उन्हें इस आरोप में ‘इस्लामोफ़ोबिया’ नज़र आने लगा।

सन 2001 के 11 सितंबर को अमेरिका में हुए आतंकवादी हमलों को सरंजाम देने वाले AQAP अब भारत के नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के हवाले से यह कह रहा है कि भारत इस्लाम विरोधी है और वैश्विक समाज की मूलधारा में कार्यरत OIC उन आतंकवादियों की हाँ में हाँ मिला रहा है।

पाकिस्तान के एबटाबाद में उसके ठिकाने पर एक गुप्त ऑपरेशन में मार गिराए गए ओसामा बिन लादेन के संगठन ने भारतीय मुसलमानों का आह्वान किया है कि वे “सभी एकजुट होकर समुचित हथियार इकट्ठा करें” और अपने ही मुल्क भारत पर आक्रमण करें।

मुख्य रूप से यमन और सऊदी अरब में सक्रिय AQAP को अमेरिकी सरकार द्वारा सबसे सक्रिय और ख़तरनाक अल क़ायदा शाखा माना जाता है।

दुनिया के सबसे वांटेड आतंकवादियों में से एक अल क़ायदा प्रमुख अयमान अल-ज़वाहिरी ने पिछले साल एक वीडियो संदेश में कश्मीर में जिहादियों को भारत के ख़िलाफ़ आतंकवादी हमलों की शिद्दत बढ़ाने के लिए कहा था।

शिक्षा से उग्रवादी उदारवादी नहीं बन जाते, इस सोच का मुज़ाहिरा करते हुए मिस्र के डॉक्टर अल ज़वाहिरी ने कभी इंजिनियर रहे बिन लादेन के बाद अल क़ायदा का कमान संभाला और पद पर आसीन होते ही उसने कश्मीर के मुजाहिदीन को “भारतीय सेना और सरकार पर असंबद्ध धमाकों पर ध्यान केंद्रित” करने की अपील की थी ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था को नुक़सान पहुँचे और अधिक से अधिक भारतीय आतंकवादी हमलों के शिकार हो जाए।

द गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार 2014 में अल-क़ायदा के केंद्रीय कमांड के आतंकवादियों ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें पहाड़ी कश्मीर और पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले कश्मीर के मुसलमानों से अपील की गई थी कि वे सीरिया और इराक़ में बसे अपने “भाइयों” के उदाहरण का अनुसरण करें और भारत के तमाम अधिकारियों पर हिंसक जिहादी हमला करें ताकि इस देश का तंत्र ही ध्वस्त हो जाए।

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