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Wednesday 8 July 2020

एयर एशिया—एफआईपीबी स्वीकृति में यूपीए के दो मंत्रियों की भागीदारी की जांच करेगी सीबीआई

आरोप यह भी है कि सुनील कपूर ने एफआईपीबी की स्वीकृति के लिए दिसंबर 2014 के दौरान काम करवाने के लिए 50 लाख रुपये का लेनदेन भी किया था

नई दिल्ली— एयर एशिया एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय लाइसेंस व विदेशी निवेश प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) की स्वीकृति दिलवाने में मदद करने में यूपीए-2 (यूनाईटेड प्रोग्रेसिव एलायंस) के दो मंत्रियों की भागीदारी की जांच अब सीबीआई करेगी।

उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने इस मामले में कल ही एक मुकदमा दर्ज किया है। इसमें सीबीआई का कहना है कि लाइसेंस दिलवाने व नियम में हेरफेर करने के बदले इसमें रिश्वत ली गई। जानकारी के मुताबिक जिस वक्त का यह मामला है उस वक्त अजीत सिंह संबंधित विभाग के कैबिनेट मंत्री थे। हालांकि जब सीबीआई प्रवक्ता से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी वह मंत्रियों के बारे में नहीं बता सकते क्योंकि इससे जांच पर असर पड़ सकता है।

सीबीआई की ओर से दर्ज की गई प्राथमिकी में एयर एशिया के सीईओ टॉनी फर्नांडीस व एयर एशिया के डायरेक्टर वेंकटरामण सहित 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामले में सीबीआई ने सिंगापुर स्थित कंपनी एचएनआर ट्रेडिंग पीटीई लिमिटेड के डायरेक्टर राजेन्द्र दुबे,टोटल फुड सर्विसेज के चेयरमैन सुनील कपूर व दिल्ली स्थित कंपनी प्रिंसिपल एंड फाउंडर डीटीए कंसल्टिंग दीपक तलवार को आरोपी बनाया गया है। इन लोगों पर भी नियमों में परिवर्तन के लिए सरकारी तंत्र पर प्रभाव डालने का आरोप लगाया गया है। इसमें खासकर दुबे पर सरकारी अधिकारियों से साक्षात्कार करवाने व काम करवाने के लिए अपने प्रभाव को इस्तेमाल करवाने का आरोप है।

आरोप यह भी है कि सुनील कपूर ने एफआईपीबी की स्वीकृति के लिए दिसंबर 2014 के दौरान काम करवाने के लिए 50 लाख रुपये का लेनदेन भी किया था।

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