अहमद पटेल, अमित शाह व स्मृति ईरानी विजयी

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गांधीनगर/अहमदाबाद ― गुजरात में राज्यसभा चुनाव का रिज़ल्ट आ चुका है, बीजेपी के प्रत्याशी अमितभाई शाह  46 वोट, स्मृति इरानी 46 वोट, कांग्रेस के अहमद पटेल 44 वोट से विजयी हुए हैं।
अहमद पटेल को 44 मिले हैं। मतदान के दिन कल भाजपा और कोंग्रेस के सभी कार्यकर्ता व्याकुलता से परिणाम की राह देख रहे थे। चुनाव आयोग के द्वारा दो कांग्रेसियों के वोट रद्द घोषित करने के बाद भी 2 घंटे तक नाटक चलता रहा और मतगणना शरू नहीं हो पाई।
अहमद पटेल ने “सत्यमेव जयते” के नारे के साथ कहा कि “यह मेरी जीत नहीं है; यह मेरे सभी विधायकों की जीत है। पटेल ने कहा की यह उनके जीवन का सबसे मुश्किल चुनाव था। “मैं अपने विधायको को सलाम करता हूँ,” अपने साथियों का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा। उन्होंने आरोप लगाया की भाजपा ने उन्हें हराने के लिए पूरा सरकारी तंत्र और सभी एजंसियों को लगा रखा था।
“पाँच बार  लोकसभा का और 4 बार राज्यसभा का चुनाव लड़ा हूँ लेकिन ऐसा चुनाव नहीं देखा,” पटेल ने कहा। “कांग्रेस का तो वोट मिला है और इसके अलावा जिसने भी वोट दिया है उनका भी शुक्रिया करता हूँ,” धन्यवाद ज्ञापित करते हुए पटेल ने कहा।
भाजपा के विरोध के कारण मतगणना देर रात तक पूरा नहीं हो पाया था। भाजपा का कहना था कि यदि 2 कांग्रेसियों ― राघवजी पटेल और भोला गोहिल ― ने अपने अपने वोट ज़ाहिर कर दिए थे तो उसी पार्टी के मितेश गरासिया और शैलेश परमार ने भी ऐसा किया था, इसलिए और 2 वोट रद्द होने चाहिए। लेकिन इस विरोध के कारण परिणाम की औपचारिक घोषणा न होने के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता ख़ुशी से झूम उठे और “कांग्रेस ज़िन्दाबाद” के नारे लगाने लगे।
निर्वाचन आयोग का निर्णय स्पष्ट है। सन 1961 में बने नियम 39A एवं 39AA के तहत 2 कांग्रेसियों के वोट अवैध हैं ― इसलिए 44 वोटों के आधार पर अहमद पटेल गुजरात विधानसभा से राज्य सभा के लिए चुने जा चुके हैं। परंतु भाजपा इस निर्णय के विरोध में अदालत का दरवाज़ा खटखटा सकती है ― ऐसा पार्टी में हमारे सूत्रों ने कहा।
उधर भाजपा के दोनों उम्मीदवार अमित शाह और स्मृति ईरानी भी विजयी हुए हैं। औपचारिक घोषणा होनी जब बाक़ी थी, तब भी भाजपा के प्रदेश कार्यालय श्रीकमलम में विजय उत्सव मनाने की तैयारी शुरू कर दी गई थी। भारी मात्रा में कार्यकर्ता उत्सव में शामिल हुए।
कांग्रेस के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा की जंग थी और शंकरसिंह वाघेला के लिए यह चुनाव अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई। इसलिए उन्होंने और उनके समर्थकों ने एड़ी चोटी का ज़ोर लगा दिया था। कांग्रेस के 44 विधायको को बेंगालुरु ले जा कर नज़रबंद करके रखा हुआ था। उनमें से एक MLA ने क्रॉस वोटिंग की है। शंकरसिंह वाघेला गुटके होने की वजह से उन्होंने क्रॉस वोटिंग की। रात के 11:30 बजे तक चुनाव के वोटों की गिनती शुरू नहीं हुई थी। देर रात को आयोग ने कांग्रेस की अर्ज़ी को ग्राह्य मान कर विवादित दोनों MLA के मतों को रद्द कर दिया।
चुनाव आयोग के निर्णय के बाद गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने पत्रकारों को बताया कि चुनाव आयोग ने  जिस वीडियो के आधार पर यह निर्णय दिया है वह वीडियो प्रजा के समक्ष सार्वजनिक की जाए जिस से लोगों को पता चले कि सच क्या है। उन्होंने कहा कि हमारे एजंट को बेलेट पेपर नहीं दिखाया गया था।

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