29 C
New Delhi
Tuesday 7 July 2020

जयापुर के बाद नागेपुर का भाग्य बदलेंगे मोदी

वाराणसी — जयापुर को “आदर्श ग्राम” बनाने के बाद वाराणसी सांसद एवं प्रधानमंत्री ने नागेपुर ग्राम को गोद लिया। पीएमओ से फ़ोन पर जानकारी के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय से उप-सचिव मयूर माहेश्वरी का पत्र सीडीओ विशाख को प्राप्त हुआ, जिसमें गांव के विकास का पूरा प्लान मांगा गया है।

प्रधानमंत्री के द्वारा नागेपुर गांव को गोद लिए जाने की जानकारी के बाद ग्रामीणों में काफी उत्साह का माहौल है।

नागेपुर गांव

सेवापुरी विधानसभा स्थित नागेपुर गांव की आबादी 4,053 है जिसमें 2,230 पुरुष और 1,823 महिलाएं हैं। यहाँ 1 प्राइमरी स्कूल है; 15 स्ट्रीट सोलर लाइट से रास्ते रोशन हैं; शौचालय 35% घरों में है; 80% आबादी पिछड़ी है; सड़कें काफी ख़राब हैं; बिजली की उपलब्धता में समस्या है और इस गाँव में कोई अस्पताल नहीं है। यहाँ साक्षरता दर 95% है। इस गाँव में 1 राजकीय नलकूप है।

नागेपुर गांव में सर्वे का कार्य आरम्भ हो चुका है।

बीज बैंक

इस गांव की महिलाओं ने राजा तालाब-स्थित लोक समिति आश्रम नागेपुर में एक बीज बैंक खोला है। इस आश्रम में महिला किसानों द्वारा संचालित अपना स्वदेशी बीज बैंक है। 12 से ऊपर गांव की महिलाएं ही इसे चलाती हैं। 100 से ऊपर किसान इसका लाभ उठा रहे हैं।

यहाँ कोई भी किसान बैंक सदस्य बनकर मुफ्त में बीज प्राप्त कर सकता है और बदले में उसे किसी दूसरी प्रजाति का बीज, बैंक में जमा करना होगा। इस बैंक का सदस्य बनकर कोई भी किसान बीज के बदले बीज ले सकता है। फ़सल तैयार होने पर भी किसान बीज के बदले बीज दे सकता है।

लोक समिति आश्रम, नागेपुर, के महिला किसान
लोक समिति आश्रम, नागेपुर, के महिला किसान

बैंक में देशी प्रजाति के सभी प्रकार के फल, सब्जी, अनाज, दलहनी और तिलहनी आदि उन्नतशील बीजों का संग्रह है। यहां से बीज की आपूर्ति के साथ-साथ खेती के लिए किसानों को सलाह भी दी जाती है।

इस समिति में किसानों को हाइब्रिड, रासायनिक दवाओं और रासायनिक उर्वरकों से खेत, पानी और स्वास्थ्य पर पड़ रहे बुरे प्रभाव के प्रति भी जागरूक किया जाता है। इसके साथ ही किसानों को जैविक और प्राकृतिक जैसी कम लागत वाली खेती करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।

nagepur 3
लोक समिति आश्रम के भण्डार का एक अंश

हाइब्रिड बीजों, रासायनिक दवाओं व उर्वरकों के दामों में बेतहाशा वृद्धि और महंगाई की मार से परेशान हो चुकी वाराणसी की महिला किसानों ने ‘अपना बीज बैंक’ खोला है। इस बीज बैंक में देसी प्रजाति के सभी प्रकार के फल, सब्जी, अनाज, दलहनी और तिलहनी आदि उन्नतशील बीजों का संग्रह होता है।

बीज बैंक से किसान बीज विनिमय के माध्यम से बिना पैसे के बीज प्राप्त करते हैं।

जो बीज बाज़ार से महंगे दामों पर ख़रीदते थे, इस बैंक के माध्यम से उन्हें आसानी से मिलेगा। पैसे की जगह बीज से उनकी आर्थिक स्थिति ठीक होगी। इससे खेती को नया आयाम मिल रहा है — सिताऊ, नागेपुर का किसान

एक मास्टर का प्रयास

नन्दलाल मास्टर का जन्म नागेपुर गांव में एक बुनकर परिवार में हुआ था। पिछले 22 सालों से आप समाजसेवा में लगे हुए हैं। उन्होंने ख़ास तौर से गांव और ग्रामीणों के लिए काम किया है।

गांव की सूरत बदलने में लिए नन्दलाल ने गांव से बाहर निकलकर आसपास के गाँवों के नवयुवकों को जोड़ना शुरू किया। दूसरे गांवों में भी बाल श्रमिक बच्चों को को निःशुल्क शिक्षा देनी शुरू की। नागेपुर, बेनीपुर, नेवाज का पूरा, तक्खुपुर, हरसोस, मेहदीगंज, कल्लीपुर, सईदपर, गनेशपुर, इस्लामपुर, खजुरी आदि गांवों में शाम को बुनकर बच्चों की पाठशाला लगने लगी।

इसके बाद नन्दलाल ने गांव के नवयुवको के साथ लोक समिति संस्था का गठन किया। आज यहाँ आशा सामाजिक स्कूल के नाम से दो स्थाई स्कूल है, जहां पर वर्तमान में पांच सौ से ज्यादा बच्चे निःशुल्क शिक्षा ले रहे है।

nagepur 5नन्दलाल ने गांव के ग़रीब बच्चों के लिए अत्याधुनिक वाचनालय और पुस्तकालय बनवाया। अब वे गांव के 40 होनहार ग़रीब बच्चों को गोद लेकर उनके कॉलेज की पढ़ाई में सहयोग कर रहे हैं।

नन्दलाल ने असंगठित मज़दूरों का एक यूनियन भी बनाया है। आज क़रीब 3,000 से ज़्यादा मज़दूर इस यूनियन के तहत संगठित है।

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई

संस्था लोक समिति के माध्यम से दहेज़-रहित सामूहिक विवाह का निर्णय 2007 में लिया गया था। अब तक इस इलाक़े में जन सहयोग से 700 से ज्यादा शादियाँ हो चुकी हैं।

गांव से सूदखोरी ख़त्म करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिलाओं के बीच छोटी-छोटी बचत के माध्यम से स्वयं-सहायता समूह का काम शुरू किया गया। आराजीलाइन ब्लॉक के क़रीब 30 गांवों में 60 से ज़्यादा महिलाओं का बचत समूह बन चुका है और अब महिलाएं अपनी बचत बैंक से लेन देन कर रही है।

गांव की ग़रीब लड़कियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अलग-अलग गांवों में 10 सिलाई-कढ़ाई एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र खोला गया है, जहां कुल 250 से ज्यादा लड़कियां प्रशिक्षण ले रही हैं।

nagepur 6लगभग 4,500 की आबादी वाले इस गांव में कोई भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है और न ही कोई आंगनबाड़ी केंद्र है। नागेपुर में बस एक प्राथमिक विद्यालय है। कक्षा 5 के बाद बच्चों को पढ़ने के लिए गांव से क़रीब 3 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है — हालांकि लोक समिति संस्था ने गांव में स्कूल खोलकर बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया है।

नागेपुर ग्राम में वर्ष 2011 में 15 लाख की लागत से बनकर तैयार हुए किसान मिनी हाट की शायद किसी को ज़रूरत नहीं है। उस दौरान 10 दुकानें, दो टीनशेड युक्त चबूतरा, हैंडपंप, शौचालय आदि बनाए गए लेकिन बाज़ार में न तो व्यापारी आते हैं और न ही किसान।

कभी बुनकरी के लिए जाना जाने वाला नागेपुर गांव आज बेरोज़गारी की मार झेल रहा है। गांव के ज्यादातर बुनकर अब मज़दूरी करने के लिए शहर में जाते हैं। 1990 में नागेपुर गांव में क़रीब 500 सौ करघे थे जिसमें से ज़्यादातर बंद हो गए हैं। गांव में इस समय 50 करघे ही बचे हैं।

खेती किसानी के लिए भी गांव में सिचाई के लिए पानी की कमी है। इस गांव को पहले से ही “डार्क ज़ोन” घोषित किया गया है। गांव से सटे मेहंदीगंज कोका कोला प्लांट के कारण गांव का भूमिगत जल का स्तर गिर गया है। गांव में पेयजल की समस्या व्याप्त है। गांव में बिजली 24 घंटे में मुश्किल से 8 घंटे ही मिलती है — वह भी सिर्फ़ रात में। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गोद लेने की ख़बर के बाद ग्रामीण अब अपने गांव में जयापुर गांव की तरह विकास चाहते हैं।

यूनियन आदर्श ग्राम के अंतर्गत नागेपुर ग्राम को राजातालाब स्थित यूनियन बैंक आफ इंडिया द्वारा वर्ष 2007-08 में गोद लिया गया था। बैंक द्वारा गाँव में एक शाखा और सालाना 35 बालिकाओं हेतु साइकिल, 5 ग़रीब बालिकाओं को उच्चशिक्षा तथा 50 ग़रीब परिवारों को सोलर लाइट/चूल्हा देने का कार्य संपन्न हुआ।

प्रकल्प

प्रधानमंत्री के द्वितीय आदर्श ग्राम नागेपुर के विकास कार्य हेतु विस्तारित प्रकल्प रिपोर्ट या DPR रांची की ग्लोबल प्रोजेक्ट एंड इंजीनियरिंग कंसलटेंट कंपनी बनाएगी एवं डीपीआर के अनुसार विकास कार्य का दायित्व बंगलुरु की शिकान कंस्ट्रक्शन कंपनी के पास होगा।

यहाँ 18 बिन्दुओं पर आधारित सर्वे का कार्य शुरू हो चुका है। नागेपुर गांव के विकास हेतु विभागवार योजना बनाकर 20 मार्च तक उसे प्रधानमंत्री कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा।

Follow Sirf News on social media:

Avatar
Anupam Pandeyhttp://anupamkpandey.co.in
​​IT analyst with mentoring responsibilities at IEEE, an associate at CSI India

For fearless journalism

%d bloggers like this: