श्यामा प्रसाद मुखर्जी की एक और प्रतिमूर्ति तोड़ी गई, इस बार असम में

बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल मुख्यालय, कोकराझार शहर के बीचों-बीच रवींद्र नगर में लगी विख्यात स्वतंत्रता सेनानी तथा जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमूर्ति मंगलवार की रात के अंधेरे में असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दी गई

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कोकराझार — बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) मुख्यालय, कोकराझार शहर के बीचों-बीच रवींद्र नगर में लगी विख्यात स्वतंत्रता सेनानी तथा जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमूर्ति मंगलवार की रात के अंधेरे में असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दी गई।

बुधवार की सुबह यह ख़बर पूरे राज्य भर में फैल गई। सभी स्तर पर इसको लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त की जाने लगी।

कोकराझार ज़िला के पुलिस अधीक्षक राजेन सिंह ने वरिष्ठ पुलिस तथा प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया। प्रारंभिक चरण की जाँच के बाद पुलिस अधीक्षक ने संवाददाताओं को बताया कि यह किन्हीं असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया है। भारतीय जनता पार्टी के कोकराझार ज़िला अध्यक्ष विभूति ब्रह्म पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ घटनास्थल पर पहुँचे तथा पूरी स्थिति का जायज़ा लिया।

भाजपा अध्यक्ष ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल क्षेत्र में अशांति फैलाने तथा भाजपा गठबंधन के घटक दलों के साथ अलगाव पैदा करने के उद्देश्य से इस प्रकार का कायरतापूर्ण कार्य किया गया है।

भाजपा के पूर्व ज़िलाध्यक्ष संतोष तरफदार ने कहा कि यह बेहद ही कायराना पूर्ण कार्य है जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि सन 2001 में मुखर्जी की यह मूर्ति पार्क में स्थापित की गई थी।

बीटीसी के कार्यकारी सदस्य धनेश्वर ग्यारी ने भी घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति का जायज़ा लिया तथा संवाददाताओं को बताया कि यह कार्य राजनैतिक नहीं है बल्कि असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया कायरतापूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि यह बेहद ही निंदनीय है। इस क्षेत्र में शांति भंग करने के उद्देश्य से इस प्रकार की हरकत की गई है।

पूर्व राज्यसभा सांसद यू०जी० ब्रह्म ने भी इसकी जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि डॉ मुखर्जी जैसे व्यक्तित्व की प्रतिमूर्ति को छतिग्रस्त करना बेहद ही शर्मनाक कृत्य है। ऐसा करने की किसी को इजाज़त नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अतिशीघ्र मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की जोरदार मांग की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार/श्रीप्रकाश/अरविंद/वीरेन्द्र/प्रतीक

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