योगी के गढ़ पर सपा का क़ब्ज़ा

21,961 वोटो के अन्तर से सपा के प्रत्याशी ने भाजपा के प्रत्याशी को दी शिकश्त

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गोरखपुर — गोरखपुर लोकसभा के चुनावी इतिहास पर नज़र डालें तों वर्ष 1991 के बाद लगातार यह सीट गोरक्षनाथ मठ के पास रही है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह सीट ख़ाली हुई।

भाजपा ने उपेन्द्र दत्त शुक्ल पर भरोसा जताया। वहीं लम्बे अर्से के बाद सपा बसपा गठबन्धन ने प्रवीण कुमार निषाद को योगी के गढ़ में उतारा। गहमा-गहमी के बीच शुरू हुए मतगणना में धीरे-धीरे साइकिल के पहिये आगे बढ़ते रहे। अंततः 29 साल के योगी के गढ़ में सपा गठबन्धन प्रत्याशी प्रवीन उर्फ़ संतोष निषाद ने 21,961 मतों से भाजपा प्रत्याशी उपेन्द्र दत्त शुक्ल को चुनावी शिकस्त दिया।

गोरखपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कुल 9,33,792 मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग किया। सुबह तीन घंटे की गणना की ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने जब आधिकारिक घोषणा नहीं की तो मतगणना स्थल पर हंगामें का माहौल बन गया। इसके बाद ज़िला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला ने हर चरण की घोषणा समय से किया।
कुल 9,33,792 वोट गिने गए। इनमें से 4,34,476 वोट भाजपा के प्रत्याशी शुक्ल को मिले जबकि सपा गठबन्धन प्रत्याशी प्रवीण कुमार निषाद को 4,56,437 वोट मिले।

किसे कितने मिले वोट

पार्टी प्रत्याशी चुनाव चिन्ह वोटों की संख्या
सपा प्रवीण कुमार निषाद साइकिल 4,56,437
भाजपा उपेन्द्र दत्त शुक्ल कमल का फूल 4,34,476
कांग्रेस डा० सुरहीता करीम हाथ का पंजा 18,844
निर्दल सरवन कुमार निषाद  गुब्बारा 3,252​
निर्दल अवधेश निषाद चारपाई 2,825
निर्दल मालती देवी कप प्लेट 2,421
निर्दल राधेश्याम सेहरा सिलाई मशीन 2,003
निर्दल नरेन्द्र कुमार महन्था टार्च 1,717
निर्दल गिरीश नरायण पाण्डेय कैमरा 1,678

प्रदर्शन के बाद मिला जीत का प्रमाण प्रत्र

जीत के प्रमाण पत्र के लिए समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मतदान स्थल पर प्रदर्शन किया। वहां पुलिस से उनकी तीखी बहस हुई। सिटी मजिस्ट्रेट ने किसी तरह समझाबुझाकर सपाइयों को शांत कराया। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला ने सपा प्रत्याशी को जीत का प्रमाण प्रत्र दिया।

गोरखपुर में सपा प्रत्याशी प्रवीण निषाद के पिता और निषाद पार्टी के संस्थापक संजय निषाद ने अपनी जीत सुनिश्चित बताते हुए कहा कि वे कम से कम 45 हजार वोटों से चुनाव जीत रहे हैं। उन्होंने गोरखपुर के डीएम पर हमला बोलते हुए कहा कि बेईमानी न होती तो वह कम से कम साढ़े तीन लाख वोटों से जीतते। सपा प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि दूसरे राउंड की काउंटिंग रोका जाना प्रशासन की ओर से की जा रही धांधली की कोशिशों की बानगी भर थी।

8,321 मत नोटा के पक्ष में

गोरखपुर लोक सभा के उप चुनाव में कुल 9,33,792 मतदाताओं ने अपने लोकतंत्र के अधिकारों का प्रयोग किया। इनमें 8,321 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग कर यह संदेश दिया है कि उन्हे चुनावी अखाड़े में उतरे कोई भी प्रत्याशी पसन्द नहीं है।

हिन्दुस्थान समाचार/विकास/राजेश