होली पर्व का शास्त्रोक्त वर्णन हमने पिछले पोस्ट में किया है। होली की रात्रि दारुणरात्रि कहलाती है और इस रात्रि विशेष साधनायें, कष्ट निवारण उपाय किये जाते हैं। गृहस्थ में रहने वाले व्यक्ति के लिए कुछ विशेष और अद्भुत उपाय यहाँ उपस्थित किये हैं।

होली की पूजा मुख्यतः भगवान् विष्णु (नरसिंह अवतार) को ध्यान में रखकर की जाती है।

घर के प्रत्येक सदस्य को होलिका दहन में देशी घी में भिगोई हुई दो लौंग, एक बताशा और एक पान का पत्ता अवश्य चढ़ाना चाहिए। होली की ग्यारह परिक्रमा करते हुए होली में सूखे नारियल की आहुति देनी चाहिए। इससे सुख-समृद्धि बढ़ती है, कष्ट दूर होते हैं।

होलिका दहन के पश्चात गिलोय की टहनी का रस निकालकर 100 ग्राम रस में 30 ग्राम शहद मिलाकर हवन में उपस्थित लोगों को पान कराना जिससे वर्ष पर बुखार और दूसरी व्याधि ना हो।

भविष्यपुराण और नारदपुराण के अनुसार होलिका में रक्षोघ्र मन्त्रों से अग्नि लगानी चाहिए और जलती हुई होली की तीन परिक्रमा प्रसन्नतापूर्वक करनी चाहिए।

होली पर पूरे दिन अपनी जेब में काले कपड़े में बांधकर काले तिल रखें। रात को जलती होली में उन्हें डाल दें। यदि पहले से ही कोई टोटका होगा तो वह भी खत्म हो जाएगा।

होली दहन के समय 7 गोमती चक्र लेकर भगवान से प्रार्थना करें कि आपके जीवन में कोई शत्रु बाधा न डालें। प्रार्थना के पश्चात पूर्ण श्रद्धा व विश्वास के साथ गोमती चक्र दहन में डाल दें।

होली दहन के दूसरे दिन होली की राख को घर लाकर उसमें थोडी सी राई व नमक मिलाकर रख लें। इस प्रयोग से भूतप्रेत या नजर दोष से मुक्ति मिलती है।

होली के दिन से शुरु होकर बजरंग बाण का 40 दिन तक नियमित पाठ करनें से हर मनोकामना पूर्ण होगी।

यदि व्यापार या नौकरी में उन्नति न हो रही हो, तो 21 गोमती चक्र लेकर होली दहन के दिन रात्रि में शिवलिंग पर चढा दें।

नवग्रह बाधा के दोष को दूर करने के लिए होली की राख से शिवलिंग की पूजा करें तथा राख मिश्रित जल से स्नान करें। शिवलिंग अभिषेक से पूर्व किसी योग्य ब्राह्मण से अवश्य संपर्क करें।

होली वाले दिन किसी गरीब को भोजन अवश्य करायें।

होली की रात्रि को सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाकर पूजा करें व भगवान से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। इस प्रयोग से बाधा निवारण होता है।

यदि बुरा समय चल रहा हो, तो होली के दिन पेंडुलम वाली नई घडी पूर्वी या उत्तरी दीवार पर लगाए। परिणाम स्वयं देखे।

राहु का उपाय – एक नारियल का गोला लेकर उसमे अलसी का तेल भरें। उसी में थोडा सा गुड डाले। फिर उस नारियल के गोले कोअपने शरीर के अंगो से स्पर्श करवाकर जलती हुई होलिका में डाल दे। आगामी पूरे वर्ष भर राहू परेशान नहीं करेगा।

राहु का उपाय – अलसी के तेल में सेब फल को भिगोकर उसमे राहू ग्रस्त व्यक्ति अपनी उम्र/ आयु अनुसार उतने ही लॉन्ग लगायें। फिर उस सेबफल को हाथ में लेकर जलती हुई होली की चार परिक्रमा लगायें और इष्ट देवता का नाम स्मरण करते हुए.राहू मुक्ति की प्रार्थना करते हुए उसी जलती हुई होली में डाल दे।

रोजगार प्राप्ति हेतु होली की रात्रि बारह बजे से पूर्व एक दाग रहित बड़ा नीबू लेकर चौराहे पर जाएं और उसकी चार फांक कर चारों कोनों में फेंक दें। फिर वापिस घर जाएं किंतु ध्यान रहे, वापिस जाते समय पीछे मुड़कर न देखें। उपाय श्रद्धापूर्वक करें, शीघ्र ही बुरे दिन दूर होंगे व रोजगार प्राप्त होगा।

स्वास्थ्य लाभ हेतु मृत्यु तुल्य कष्ट से ग्रस्त रोगी को छुटकारा दिलाने के लिए जौ के आटे में काले तिल एवं सरसों का तेल मिला कर मोटी रोटी बनाएं और उसे रोगी के ऊपर से सात बार उतारकर भैंस को खिला दें। यह क्रिया करते समय ईश्वर से रोगी को शीघ्र स्वस्थ करने की प्रार्थना करते रहें।

व्यापार लाभ के लिए होली के दिन गुलाल के एक खुले पैकेट में एक मोती शंख और चांदी का एक सिक्का रखकर उसे नए लाल कपड़े में लाल मौली से बांधकर तिजोरी में रखें, व्यवसाय में लाभ होगा।

होलिका दहन के अवसर पर एक एकाक्षी नारियल की पूजा करके लाल कपड़े में लपेट कर दूकान में या व्यापार स्थल पर स्थापित करें। साथ ही स्फटिक का शुद्ध श्रीयंत्र रखें। उपाय निष्ठापूर्वक करें, लाभ में दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि होगी।

दुर्घटना से बचाव के लिए होलिका दहन से पूर्व पांच काली गुंजा लेकर होली की पांच परिक्रमा लगाकर अंत में होलिका की ओर पीठ करके पांचों गुन्जाओं को सिर के ऊपर से पांच बार उतारकर सिर के ऊपर से होली में फेंक दें।

होली के दिन प्रातः उठते ही किसी ऐसे व्यक्ति से कोई वस्तु न लें, जिससे आप द्वेष रखते हों। सिर ढक कर रखें। किसी को भी अपना पहना वस्त्र या रुमाल नहीं दें। इसके अतिरिक्त इस दिन शत्रु या विरोधी से पान, इलायची, लौंग आदि न लें। ये सारे उपाय सावधानीपूर्वक करें, दुर्घटना से बचाव होगा। आत्मरक्षा हेतु किसी को कष्ट न पहुंचाएं, किसी का बुरा न करें और न सोचें। आपकी रक्षा होगी।

अगर आपके घर में कोई शारीरिक कष्टों से पीड़ित है, ओर उसको रोग छोड़ नहीं रहे है तो 11 अभिमंत्रित गोमती चक्र बीमार ब्यक्ति के शरीर से 21 बार उतार कर होली की अग्नि में डाल दे। शारीरिक कष्टों से शीघ्र मुक्ति मिल जायेगी

नौकरी में पदोन्नति के लिए, जितने वर्ष की नौकरी आप कर चुके हों, उतने ही प्राण-प्रतिष्ठित गोमती चक्र होली के दिन शिवलिंग पर चढ़ा दें व मनोभाव से प्रार्थना करें।

विदेश यात्रा में यदि अड़चन आ रही हो तो, होली के दिन होलिका-पूजन के उपरान्त “विष्णु-सहस्त्रनाम” तथा “नारायण-कवच” के तीन पाठ करें व मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करें।

बरकत न हो, तो होली के दिन हनुमानजी के किसी सिद्ध-प्राचीन मन्दिर में ७ बताश, १ जनेऊ, १ पान अर्पित करें। उसके बाद तीन मंगलवार लगातार चढ़ाएं।

व्यवसाय में निरन्तर घाटा हो रहा हो, तो चाँदी का ठोस हाथी (60 या 100 ग्राम) का होली के दिन घर रखें।

होली के पर्व पर एक नए लाल कपडे में लाल गुलाल को बांधकर ( पोटली बना कर ) किसी तश्तरी में अपनी दुकान या घर की तिजोरी में स्थापित करने पर व्यक्ति को जीवन में अपने कार्यों में लगातार लाभ की प्राप्ति होती है , धन का आना लगातार बना रहता है ।

ये उपाय प्रत्येक राशि के लोग बिना किसी संदेह के कर सकते हैं।