मुंबई— मोनो रेल के पहले और दूसरे चरण को शुरू करने के लिए अनुमानित खर्च में 236 करोड़ रुपए की बढ़ोत्तरी की जाएगी। इससे पहले लगने वाले खर्च की अनुमानित कीमत 2,460 करोड़ रुपए तय की गई थी । एमएमआरडीए प्रशासन ने आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को यह जानकारी दी है।
31 जनवरी को गलगली ने अंदाजन खर्च और बढ़े हुए खर्च की जानकारी एमएमआरडीए प्रशासन से मांगी थी। जिसके जवाब में एमएमआरडीए की तरफ से जनसूचना अधिकारी तरुवर बॅनर्जी ने मोनो रेल पहला चरण और मोनो रेल दूसरे चरण के लिए टैक्स के अलावा अंदाजन कुल खर्च रु 2,460 करोड़ बताई है।अब तक कुल 2,136 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
जहां चरण 1 में चेंबूर से वडाला डेपो के बीच 7 मोनो रेल स्टेशन हैं और जिनकी लंबाई 8.80 किलोमीटर की है उसमें चेंबूर, वी एन पुरव मार्ग और आर सी मार्ग जंक्शन, फर्टलाईजर टाऊनशीप, भारत पेट्रोलियम, म्हैसूर कॉलनी, भक्ती पार्क और वडाला डेपो यह स्टेशन हैं। वहीं चरण 2 को संत गाडगे महाराज चौक से वडाला डेपो  तक चलाया जाएगा जिसकी कुल लंबाई 11.20 किलोमीटर है और इसमें संत गाडगे महाराज चौक, लोअर परेल, मिंट कॉलनी, आंबडेकर नगर, नायगाव, दादर पूर्व, वडाला ब्रिज, आचार्य अत्रे नगर, अंटाप हिल और जीटीबी नगर ऐसे 10 मोनोरेल स्टेशन हैं।
अनिल गलगली ने बताया कि एमएमआरडीए प्राधिकरण समिती, कार्यकारी समिती और महानगर आयुक्त ने इस बढ़ी हुई 236 करोड़ की रकम को मान लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मोनो रेल प्रोजेक्ट का परिपालन गलत तरीके से हो रहा है जिसके कारण एमएमआरडीए प्रशासन को लगातार घाटे का सामना करना पड़ रहा है और साथ ही उन्होंने रकम की वृद्धि होने पर दोषियों के जांच कर उनपर कार्यवाही करने की भी मांग की है।
आग लगने के कारण 9 नवंबर 2017 को प्रथम चरण को बंद कर दिया गया था। इस महीने के अंत तक दोनों चरणों का आरंभ होगा।