Thursday 26 May 2022
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आतंकवादियों की रिहाई की मांग में 20 संगठनों का असम में प्रदर्शन

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गुवाहाटी — असम की राजधानी गुवाहाटी के दिघलीपुखरी में शुक्रवार को डिमासा वूमेन सोसाइटी, डिमासा स्टूडेंट कम्युनिटी समेत कुल 20 संगठनों ने आतंकवादियों ज्वेल गार्लोसा और निरंजन होजाई को तुरंत रिहा करने की मांग को लेकर धरना व प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर दोनों की अतिशीघ्र रिहाई नहीं होती है तो राज्य के पहाड़ी जिले डिमा हसाऊ में स्थिति बेहद उत्तेजक हो जाएगी।

आतंकी संगठन डिमा हालम डाउगा-ज्वेल (डीएचडी-जे) के प्रमुख ज्वेल गार्लोसा व निरंजन होजाई ने संघर्ष विराम करने के बाद डिमा हसाऊ स्वायत्तशासी परिषद का चुनाव जीतकर सत्ता संभाली थी। उनके कार्यकाल में डिमा हसाउ स्वायत्तशासी परिषद में हुए रु० 1,000 करोड़ के घोटाले में गार्लोसा व होजाई को आरोपी बनाया गया था।

आतंकवादियों
जब डिमा हालम डाउगा के प्रमुख को गिरफ्तार किया गया था

प्रदर्शनकारियों ने जिला उपायुक्त के जरिए सरकार को अपनी मांगों के समर्थन में एक ज्ञापन भी सौंपा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के गठन के बाद उसे पहला केस आरसी 01 एवं 02/2009/एनआईए/डीएलआई जो डिमा हसाऊ के रु० 1,000 करोड़ के घोटाले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गत 23 मई को एनआईए की विशेष कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले में दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

जांच के दौरान एनआईए ने दोनों मामलों में पाया था कि परिषद के रु० 1,000 करोड़ के गहन हुआ। उन सरकारी पैसों से हथियार व गोला-बारूद खरीदकर भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध लड़ने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

इस उग्रवादी संगठन का पुराना रूप था डिमासा नेशनल सिक्यूरिटी फ़ोर्स जिसने १९९५ में अपनी गतिविधियाँ बंद कर दी। पुराने संगठन में कमांडर रहे गार्लोसा ने समर्पण करने से इनकार कर दिया और डिमा हालम दाओगा का गठन किया। सन 2003 में केंद्र सरकार के साथ समझौते के बाद यह नया संगठन भी टूट गया और गार्लोसा ने अपनी गुट अपने नाम से बना ली। इसे कभी डिमा हालम दाओगा (जे) के नाम से जाना जाता है तो कभी ब्लैक विडो के नाम से। इनको डिमासा के लोगों के लिए डिमा हसाओ जिला चाहिए। डिमा हालम दाओगा का एक नूनिसा गुट भी है जिसे काछार, करबी आंगलोंग और नागांव ज़िले तथा नागालैंड का डिमापुर जिला भी अपने कबीले वालों के लिए चाहिए।

इन सभी क्षेत्रों में डिमा हालम दाओगा के इन दो गुटों को लगातार उगाही करते हुए, हफ्ता वसूली करते हुए एवं सरकारी अधिकारियों को ब्लैकमेल करते हुए देखा गया है।

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