2 मई से मंगल देव मकर राशि में उच्च के हो गए हैं और केतु के साथ युति बनाए हुए हैं। मंगल और केतु की युति 5 नवम्बर तक बनी रहेगी जिसके कारण देश एवं विदेश में उथल-पुथल मचा रहेगा। प्राकृतिक आपदाएं, जानमाल का नुकसान एवं आगजनी की काफी संभावनाएं हैं।

जैसा कि आपको विदित है पिछले दिनों विश्व के कई स्थानों ने प्राकृतिक आपदाओं का संकट झेला। इस देश में भी भयंकर आंधी-तूफ़ान से लोग त्रस्त हुए। कल रात अमरीका के दो अलग अलग प्रान्तों में 6.9 परिमाण के भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं केंसास में तीव्र आंधी अटलांटिक महासागर की तरफ से आई। दोनों घटनाओं में हालांकि जान का नुकसान नहीं हुआ पर माल का भारी नुकसान हुआ है।

केवल आपदाएं ही नहीं बल्कि दुर्घटनाओं की भी सम्भावना है। पोर्ट वेंटवर्थ में एक हवाई दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे को मिलाकर इसी साल अमरीका अपने 27 जवानों को खो चुका है ग़ैर-सामरिक परिस्थितियों में। रूस के को मायो में एक हवाई दुर्घटना हुई जिसने उसके पायलट की जान ले ली।

3 मई को भारत के उत्तर प्रदेश में तूफ़ान में 100 लोगों की जानें चली गईं। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर संकट के बादल अब भी मंडरा रहे हैं।

भारत ने म्यांमार को भी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के तरीके हाल ही में सुझाए हैं। बाढ़ और भूकंप से रहत के लिए विशेष क़दम उठाने के लिए भारत बर्मा की आर्थिक मदद कर रहा है।

पर अभी की युति भारत के लिए लाभप्रद भी है। इस देश की कुंडली में युति नवम भाव में हो रही है। इससे भारत की आर्थिक स्थिति में सुधार होगी। भारत के सम्मान एवं अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत की ख्याति बढ़ेगी। लेकिन अपने पडोसी देशों से सम्बन्ध में काफी कटुता बढ़ जाएगी। मारकाट की संभावनाएं ज्यादा हैं।

आप को ज्ञात होगा कि वर्ल्ड बैंक ने हाल ही में ग्रामीण विद्युतीकरण की प्रशंसा की है। एशिया विकास बैंक या ए डी बी का कहना है कि भारत की आर्थिक प्रगति की गति अद्भुत है क्योंकि इतनी बड़ी आर्थिक व्यवस्था, इतने बड़े तंत्र का विकास इतनी तेज़ी से नहीं होता है।

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