CRPF की बस पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हमले में कम से कम 40 जवान शहीद

जैश के आतंकवादियों तक जवानों की आवाजाही की ख़बर पहुँच चुकी थी। जैसे ही सीआरपीएफ की 20 जवानों को ले जा रही बस करीब 2:15 बजे आईईडी से लदी एक कार के पास आई, आतंकवादियों ने विस्फोट कर दिया और वाहन पर गोलीबारी शुरू कर दी

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श्रीनगर: जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में विस्फोटक से भरी कार से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को जम्मू से श्रीनगर ले जा रही एक बस को टक्कर मार दी, जिसमें 18 जवानों के मारे जाने की खबर दोपहर तक मिली थी। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा था कि जैश ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

पुलिस ने आतंकवादी की पहचान पुलवामा के काकापोरा के आदिल अहमद डार के रूप में की है। अहमद पिछले साल जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था।

आदिल अहमद दार
आदिल अहमद दार

हताहतों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। विस्फोट में भी लगभग 50 नागरिक घायल हुए थे। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि बस के हिस्से एक बड़े क्षेत्र में शवों के साथ बिखर गए।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि विस्फोट श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर अवंतीपुरा क्षेत्र में हुआ।

शहीद हुए जवान सीआरपीएफ की 54 बटालियन के थे।

अभी-अभी मिली सूचना के अनुसार शहीदों की संख्या 40 पहुँच चुकी है।

अधिकारियों के अनुसार आतंकवादियों ने आज दोपहर को पुलवामा के अवंतीपुरा के गोरिपुरा क्षेत्र में एक आईईडी का उपयोग कर CRPF के काफिले में विस्फोट किया।

जम्मू और कश्मीर के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि सड़क पर एक कार में आईईडी लगाया गया था। जैसे ही सीआरपीएफ की 20 सैनिकों को ले जा रही बस करीब 2:15 बजे उसके पास आई, आतंकवादी ने विस्फोट कर दिया।

जिनकी शहादत की पुष्टि शाम के 8 बजे तक हो पाई है

तुरंत अन्य आतंकवादियों ने जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रही बस पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।

आतंकवादियों को सैन्य टुकड़ी के बारे में पता था। उन्होंने हमले की योजना पहले ही बना ली थी। लगभग 2,500 जवान 70-वाहनों की इस सीआरपीएफ टुकड़ी के हिस्से थे।

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में एक मुठभेड़ में सुरक्षा बलों द्वारा दो आतंकवादियों को मार दिए जाने के ठीक एक दिन बाद यह घातक हमला हुआ।

हताहत की जानकारियाँ स्थानीय पुलिस से मिल रही हैं। जम्मू-कश्मीर बैंक के पास हुए विस्फोट की प्रारंभिक जांच के लिए पुलिस की एक टीम मौके पर है। सीआरपीएफ ने अभी तक आधिकारिक रूप से बयान जारी नहीं किया है।

पुलिस के सूत्रों का कहना है कि विस्फोट की गंभीरता को देखते हुए सैनिकों, और साथ ही नागरिकों, जो आतंकवादी हमले के शिकार हुए हैं, की संख्या कहीं अधिक हो सकती है।