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Thursday 2 April 2020

जेट एयरवेज के पतन के 10 क़दम, सरकार की आपात बैठक

जेट एयरवेज अपने लेनदारों को भुगतान करने के लिए संघर्ष कर रहा है, सैकड़ों उड़ानों को रद्द करने को मजबूर है

Editorials

In India

नई दिल्ली — भारत की सबसे बड़ी एयरलाइनों में से एक जेट एयरवेज के दिवाला पिटने के आसार साफ़ हैं। इस सिलसिले में सरकार ने आज एक आपात बैठक बुलाई।

कैश की तंगी झेल रहे जेट एयरवेज प्रतिस्पर्धा, कमजोर रुपया और बढ़ती ईंधन लागत के कारण अपने लेनदारों को भुगतान करने के लिए संघर्ष कर रहा है और सैकड़ों उड़ानों को रद्द करने को मजबूर है।

एयरलाइन के रखरखाव इंजीनियरों के संघ ने आज विमानन नियामक DGCA को लिखा है कि उन पर तीन महीने का वेतन बकाया है और उड़ान सुरक्षा “जोखिम में है”।

जेट एयरवेज की तंगहाली के 10 क़दम

  1. नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने आज सुबह ट्वीट किया कि उन्होंने जेट और विमानन चौकी, डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) से अनुपालन रिपोर्ट तुरंत मांगी है। प्रभु ने यह भी कहा कि उन्होंने विमान की ग्राउंडिंग, अग्रिम बुकिंग, रद्दीकरण और वापसी जैसे मुद्दों पर एक आपातकालीन बैठक के लिए कहा है।

  2. ऐसी खबर हैं कि सरकार ने एयरलाइन को दिवालिया होने से बचाने के लिए केंद्रीय बैंकों को फिलहाल जेट एयरवेज से रियायत बरतते हुए उधार देने का आग्रह किया है।

  3. डीजीसीए को एक पत्र में जेट एयरवेज विमान रखरखाव इंजीनियरों के संघ ने लिखा है कि कंपनी अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने को असमर्थ है और इस स्थिति ने विमान इंजीनियरों की मनोवैज्ञानिक स्थिति को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है। इसलिए सार्वजनिक परिवहन हवाई जहाजों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। भारत और दुनिया भर में जेट एयरवेज के सवारों की जान पर बन आई है।

  4. यह एक लगातार बदलने वाली स्थिति है और आने वाले हफ्तों में कंपनी की हालत में और गिरावट आ सकती है, विमानन नियामक ने एक बयान में कहा। यह सुनिश्चित करते हुए कि बेड़े में सभी विमान अनुमोदित रखरखाव कार्यक्रम के अनुसार रखे जाएँ, DGCA ने कहा है कि वह स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है और उसी के आधार पर यदि आवश्यक हो तो महीने के अंत तक उचित कदम उठाया जाएगा।

  5. जेट पर $1 बिलियन से अधिक का कर्ज है। एयरलाइन ने बैंकों, आपूर्तिकर्ताओं, पायलटों और पट्टों को भुगतान में देरी की है, जिस कारण एयरलाइन अपने 41 विमानों को जमीन पर उतारने को मजबूर हुआ, जो कि इसके पूरे बेड़े के एक-तिहाई से अधिक है। एयरलाइन ने कहा कि वह अपने डिबेंचर धारक को ब्याज देने में देरी करेगी क्योंकि वित्तीय बाधाओं के कारण 19 मार्च को।

  6. सोमवार को एयरलाइन के पायलटों को लिखे एक पत्र में एयरलाइन के संस्थापक नरेश गोयल ने कहा कि उन्हें तंगहाल कैरियर के बचाव के लिए एक सौदा करना है जिसके लिए उन्हें और समय की आवश्यकता होगी क्योंकि प्रक्रिया जटिल है।

  7. गोयल ने 25 साल पहले इस व्यवसाय की शुरुआत कर जेट को भारत के सबसे बड़े पूर्ण-सेवा हवाई वाहक में बदल दिया था। उन्होंने एतिहाद एयरवेज के साथ बचाव सौदे के लिए चल रही बातचीत का भी ज़िक्र किया और एयरलाइन के सबसे बड़े भारतीय शेयरधारक स्टेट बैंक के नेतृत्व में ऋणदाताओं के समूह का उल्लेख किया। अब बचाव सौदे में या तो पर्याप्त प्रगति नहीं हुई है या इसके लिए बातचीत नाकाम साबित हो चुकी है।

  8. गोयल ने कहा कि वह एयरलाइन के संचालन के लिए प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने और बहुत आवश्यक स्थिरता को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और वे पायलटों और कुछ अन्य कर्मचारियों के लिए विलंबित वेतन भुगतान का निपटान करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। एक सौदे को अंतिम रूप दिया गया है।

  9. आज जेट एयरवेज ने चार और विमानों को ज़मीन पर उतारा है। जेट एयरवेज की एक और क़र्ज़ की डील मच्योर होने वाली है पर यहाँ भी कर्ज पर ब्याज का भुगतान करने में देर होगी क्योंकि कंपनी को काश की कमी है।

  10. जेट एयरवेज के शेयरों में मंगलवार को 5% की कमी के साथ 5% की गिरावट आई। जेट एयरवेज के शेयर में इस साल अब तक 19% की गिरावट आई है। बीएसई पर 225।10 प्रति यूनिट शेयर का भाव चल रहा था।

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