Thursday 26 May 2022
- Advertisement -

सुशील मोदी ने आख़िर नीतीश कुमार पर पलट वार किया

Join Sirf News on

and/or

पिछले कुछ समय से जनता दल (यूनाइटेड) [जद(यू)] के नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लगातार हमला बोले जा रहे थे। बीच-बीच में स्थानीय भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी जवाब देते थे, पर या तो वह किसीअखबार में छपी सुर्ख़ी की शक्ल में होता था या फिर मोदी किसी जनसभा को संबोधित करते हुए अपनी फ़ोटो में दिखते थे। आज पहली बार उन्होंने लिखित शब्दों में कुमार को जवाब दिया। और अधिक भूमिका न बांधते हुए हम उनको पूरा का पूरा उद्धृत करते हैं—

“लालू से मिल कर आतंकराज लौटाने में लगे नीतीश”—यह सुशील मोदी के लेख का शीर्षक है।

मोदी आगे लिखते हैं: “पूर्वमुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब देश के सबसे बड़े विश्वासघाती और पलटीमार नेताबन गए हैं। साल भर पहले उन्होंने जनादेश के साथ विश्वासघात कर भाजपा सेअपनी पार्टी का 17 साल पुराना गठबंधन तोड़ा और अब लालू प्रसाद से मिल करबिहार में आतंकराज लौटाना चाहते हैं। जद(यू) की सरकार बचाने के लिए उन्हेंअपने लालू विरोधी स्टैंड से पलटी मारने में ज़रा भी देर नहीं लगी। उन्होंनेलोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के ख़िलाफ़ वोट मांगे, लेकिन चुनाव बादविधान सभा में इन्हीं दलों का समर्थन मांगने के लिए इनके आगे नाक रगड़नेलगे।
नीतीश कुमार चुनाव के समय लालू प्रसाद को बिहार में 15 साल केजंगल राज के लिए ज़िम्मेदार ठहरा रहे थे। लेकिन अब वे उसी लालू प्रसाद सेहाथ मिला चुके हैं। नीतीश कुमार ने चुनाव सभाओं के दौरान जो कहा और फेसबुकपर जो लिखा, वह सब उनके पलटीमार होने का सबूत बन चुका है। उन्होंने कभी कहाकि लालू प्रसाद का पोलिटिकल करियर ही बिहार की बर्बादी का घोषणापत्र है, तो कभी सवाल उठाया कि लोग क्या फिर से डर के साये में रहना चाहते हैं? क्या कोई चाहेगा कि स्कूल-अस्पताल चौपट हो जाएँ? क्या सड़क-पुलिया का जालढह जाए? क्या गांव में बिजली कभी न पहुँचे?
जो सवाल नीतीश कुमारजनता से पूछ रहे थे, क्या वही सवाल अब उनसे नहीं पूछे जाने चाहियें? क्या वेसत्ता के लिए लालू से हाथ मिलाकर बिहार को उन्हीं दिनों में लौटाने परआमादा नहीं हो गए हैं?
नीतीश कुमार ने फ़ेसबुक पर लिखा था कि इनके (लालू प्रसाद) संस्कार से आंतकराज पनपता है। अफ़सरों को चप्पल मार कर ठंडाकर देंगे, ऐसा कह कर इन्होंने अपने विजन का ऐलान कर दिया है। विकास की बातकरते-करते नीतीश कुमार क्या अब आतंकराज लौटाने के लिए लालू प्रसाद के साथहो गए हैं?
लालू प्रसाद बिल्कुल नहीं बदले हैं। उन्होंने चुनावी झटकेसे कोई सबक़ नहीं सीखा है। रीतलाल यादव और शहाबुद्दीन जैसे अपराधी आज भीउनकी पसंद बने हुए हैं। इसके बावजूद नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद से हाथमिलाकर जनता को धोखा दिया है। नीतीश-लालू मिलन के साथ अपराधी तत्वों काहौसला बढ़ा है।
लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए नीतीश कुमार ने कहाथा कि लाठी में तेल पिलाने का ज़माना नहीं, हाथ में क़लम और काग़ज़ रखने काजमाना है। लालू प्रसाद ने अपने शासनकाल में हँसने-हँसाने के सिवा कुछ नहींकिया। क्या नीतीश ने अब लाठी का ज़माना लौटाने के लिए लालू प्रसाद से हाथमिलाया है?
नीतीश कुमार ने कहा था कि मैं गाँव में बिजली पहुँचाने में जुटा हूँ, जबकि बड़े भाई (लालू प्रसाद) लोगों को लालटेन थमा रहे हैं!लालटेन (राजद का चुनाव चिह्न) की आग घर, खेत, शांति और प्रतिष्ठा को जलादेती है। एक बार बिहार जल चुका है। ऐसे बिहार में गलत नेतृत्व (लालूप्रसाद) को दिया गया एक-एक वोट चिंगारी है, जो बिहार को फिर शोलों को हवालेकर सकती है।
जनता जानना चाहती है कि यही लालटेन अब नीतीश कुमार ने ख़ुद क्यों थाम ली है?

शुक्रवार को नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए वे किसी भी हदतक जा सकते हैं। नीतीश क्या लालू प्रसाद का साथ लेकर बिहार की बर्बादी कीहद तक जाने को भी तैयार हो गए हैं? जिस भाजपा ने नीतीश को दो बार केंद्रीयमंत्री और तीन बार मुख्यमंत्री बनवाया, उसे मिटाने, औक़ात में लाने औरथउआ-थउआ उड़ाने जैसी भाषा का प्रयोग कर वे अपना ही चेहरा नोचते मालूम पड़रहे हैं। वे बेनक़ाब हो गए हैं। अगले विधान सभा चुनाव में जनता विकास के लिएभाजपा नेतृत्व वाली मज़बूत सरकार को चुनेगी और नीतीश-लालू दोनों को (अपनी-अपनी) औक़ातपता चल जाएगी।”

Contribute to our cause

Contribute to the nation's cause

Sirf News needs to recruit journalists in large numbers to increase the volume of its reports and articles to at least 100 a day, which will make us mainstream, which is necessary to challenge the anti-India discourse by established media houses. Besides there are monthly liabilities like the subscription fees of news agencies, the cost of a dedicated server, office maintenance, marketing expenses, etc. Donation is our only source of income. Please serve the cause of the nation by donating generously.

Join Sirf News on

and/or

Similar Articles

Comments

Scan to donate

Swadharma QR Code
Advertisment
Sirf News Facebook Page QR Code
Facebook page of Sirf News: Scan to like and follow

Most Popular

[prisna-google-website-translator]
%d bloggers like this: