Sunday 17 October 2021
- Advertisement -
HomePoliticsIndia'रबी फ़सल के लिए राज्य केंद्र को प्रस्ताव भेजें'

‘रबी फ़सल के लिए राज्य केंद्र को प्रस्ताव भेजें’

|

598684नई दिल्ली — केन्‍द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने सभी सहभागी राज्‍यों से रबी फ़सलों की बुवाई का प्रस्‍ताव भेजने का आग्रह किया है ताकि ज़रूरत पड़ने पर कृषि मंत्रालय अतिरिक्‍त संसाधन मुहैया कराने के लिए आवश्‍यक क़दम उठा सके। उन्‍होंने आज तिलहन और ऑयल पाम के राष्‍ट्रीय मिशन पर गठित कार्यकारी समिति (National Mission on Oilseeds and Oil Palm — NMOP) की पहली बैठक की अध्‍यक्षता की। उन्‍होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक हिस्‍सा तिलहन निर्यात का है।

वर्ष 2012-13 के दौरान 63 लाख टन तिलहन का निर्यात किया गया और उससे 23681 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा आय अर्जित हुई। oil palm.JPGइसमें 48.56 लाख टन खली, 9 लाख टन तिलहन और 6 लाख टन तेल शामिल है। सिंह ने कहा कि कुल निर्यात में सोयाबीन का हिस्‍सा 50% से भी ज्‍यादा है। सोयाबीन की खेती ने मध्‍य प्रदेश, महाराष्‍ट्र और राजस्‍थान के किसानों की आर्थिक हालत बदल दी है। हालांकि मांग और पूर्ति की खाई को पाटने के लिएदेश को रु० 60,000 करोड़ मूल्‍य के खाद्य तेल का आयात करना पड़ता है, जो हम सभी के लिए एक बड़ी चुनौती है।

wheat-procurementकृषि मंत्री ने कहा कि बारिश की दस्‍तक में देरी के चलते तिलहन की बुवाई में पिछले साल के मुक़ाबले 20 लाख हेक्‍टेयर की कमी दर्ज की गई है। हालांकि हाल ही में हुई बारिश से रबी मौसम के दौरान तिलहन फ़सलों की बुवाई का रकबा बढ़ने की उम्‍मीद जगी है। उन्‍होंने यह भी बताया कि पूर्वोत्तर राज्‍यों — जैसे असम, छत्‍तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार — के बारिश-सिंचित क्षेत्रों में श्‍वेत सरसों/राई सरसों की खेती गेहूँ के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा लाभप्रद है, जहाँ धान की फ़सल के बाद विशाल क्षेत्र का कोई उपयोग नहीं हो पाता है। इसी तरह मध्‍य प्रदेश और महाराष्‍ट्र में खरीफ फ़सलों की बुवाई के बाद अलसी और कुसुम की फ़सलों की खेती की जा सकती है।

Hordeum-barleyसिंह ने यह भी कहा कि उत्तरी राज्‍यों — जैसे हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार — में रबी फ़सलों की बुवाई के बाद सूरजमुखी फ़सल की खेती की अच्‍छी संभावना है। गुजरात, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में रबी फ़सलों की बुवाई के दौरान मूंगफली का बुवाई रकबा बढ़ाया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि अंतर फ़सल के तौर पर तिलहन फ़सलों की खेती बेहद आसानी से की जा सकती है। इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि उनकी सामाजिक-आर्थिक हैसियत भी बढ़ेगी और खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता घटेगी।

सिंह ने कहा कि एक विशेषज्ञ समिति ने पूर्वोत्तर राज्‍यों में ऑयल पाम की खेती की अच्‍छी संभावना जताई है और हमें इसके दोहन के लिए प्रयास करने हैं।

 

पत्र सूचना कार्यालय

Sirf News needs to recruit journalists in large numbers to increase the volume of its reports and articles to at least 100 a day, which will make us mainstream, which is necessary to challenge the anti-India discourse by established media houses. Besides there are monthly liabilities like the subscription fees of news agencies, the cost of a dedicated server, office maintenance, marketing expenses, etc. Donation is our only source of income. Please serve the cause of the nation by donating generously.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

- Advertisment -

Now

Columns

[prisna-google-website-translator]