Thursday 26 November 2020
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मुनव्‍वर राना के ख़िलाफ़ FIR, फ़्रांस की घटना पर कहा था, ‘हम भी मार देंगे!’

मुनव्‍वर राना ने फ़्रांस में एक शिक्षक का सिर कलम करने को सही ठहराते हुए कहा था कि मुहम्‍मद का 'भद्दा' कार्टून बनाने वाले के साथ यही होना चाहिए

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उत्तर प्रदेश पुलिस ने उर्दू शायर मुनव्‍वर राना के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की है। उनपर धार्मिक भावनाएँ भड़काने का आरोप है। लखनऊ के हज़रतगंज कोतवाली में IPC की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।

मुनव्‍वर राना ने पिछले दिनों फ़्रांस में एक शिक्षक का सिर कलम करने को सही ठहराया था। राना का तर्क था कि पैगंबर मुहम्‍मद का ‘भद्दा’ कार्टून बनाने वाले के साथ यही होना चाहिए। उन्‍होंने कहा था कि ‘अगर कोई हमारी माँ का या हमारे बाप का ऐसा कार्टून बना दे तो हम तो उसे मार देंगे।’

अगर अभी कोई शख़्स मेरे बाप का कार्टून कोई ऐसा बना दे गंदा, मेरी माँ का कार्टून कोई ऐसा गंदा बना दे तो हम तो उसको मार देंगे। अगर कोई हमारे हिंदुस्‍तान में हमारे किसी देवी-देवता का, मां सीता का या भगवान राम का ऐसा कोई कार्टून बना दे कि गंदा हो तो हम उसको मार देंगे।

मुनव्वर राना

मुनव्‍वर राना ने एक चैनल से बातचीत में यह बयान दिया था। उन्‍होंने कहा था कि ‘MF हुसैन ने हिंदू देवी-देवताओं की विवादित paintings बनाईं तो उस बुजुर्ग शख़्स, 90 साल के बूढ़े आदमी को देश छोड़कर भागना पड़ा।’ मुनव्वर कहते हैं कि ‘MF हुसैन इस बात को जान चुके थे कि यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उन्हें मार दिया जाएगा। ग़ैर मुल्क में उसकी मौत हुई।’

पैगंबर मुहम्‍मद का cartoon बनाने पर हत्‍या को सही ठहराते हुए राना ने कहा था कि ‘जब हिंदुस्तान में हज़ारों साल से honour killing को जायज़ मान लिया जाता है, कोई सज़ा नहीं होती है तो फ़्रांस की घटना को नाजायज़ कैसे कहा जा सकता है?’

मुनव्‍वर राना का कहना था कि आपत्तिजनक cartoon पैगंबर मुहम्‍मद और इस्‍लाम को बदनाम करने की नीयत से बनाए जाते हैं। उन्‍होंने कहा कि ऐसी हरकतों की वजह से भी लोग ऐसे क़दम उठाने को मजबूर होते हैं जैसा फ़्रांस में हुआ।

मुनव्‍वर राना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए भारत के फ़्रांस का समर्थन करने को भी गलत बताया। राना का आरोप था कि मोदी ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्‍योंकि राफ़ाल सौदा बीच में आ रहा है। मोदी ने फ़्रांस में आतंकी घटनाओं की निंदा करते हुए पीड़‍ितों के प्रति शोक जताया था।

फ़्रांस में माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक सैमुअल पाती को 18 साल के चेचन्या निवासी मुस्लिम शरणार्थी अब्दुल्लाख अंजोरोव ने 16 अक्टूबर को पेरिस के पास एक स्कूल के अंदर मार दिया था। राष्ट्रपति इमैनुअल माक्रों ने इस घटना को ‘इस्लामिक आतंकवाद से जुड़ा कृत्य‘ कहा था। इस्‍लामिक कट्टरपंथ को लेकर माक्रों के बयानों से दुनियाभर के मुस्लिम समाज में ग़ुस्सा है जो प्रदर्शन की शक्‍ल में बाहर आ रहा है। माक्रों के विरुद्ध काफ़ी आपत्तिजनक टिप्‍पणियाँ भी हुईं।

इसके बाद 29 अक्‍टूबर को भारत सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि वह “अंतर्राष्ट्रीय विमर्श के सबसे बुनियादी मानकों का उल्लंघन करते हुए राष्ट्रपति इम्‍मैनुअल माक्रों पर अस्वीकार्य भाषा में व्यक्तिगत हमलों की दृढ़ता से निंदा करते हैं।” बयान में आगे कहा गया, “किसी भी कारण से या किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद को लेकर स्पष्टीकरण दिए जाने का कोई औचित्य नहीं है।”

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