Thursday 21 October 2021
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दवा घोटाले की सरकार कर रही जाँच — विजय चौधरी; लीपा-पोती की कोशिश — सुशील मोदी

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बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने राज्य की जनता को भरोसा दिलाया है कि दवा ख़रीद मुआमले से जुड़ी जाँच अथवा इसकी रिपोर्ट के अनुसार सही क़दम उठाने में राज्य सरकार नहीं चूकेगी।

सुशील मोदी के आरोप
Sushil Modiसौ करोड़ से ज्यादा के दवा घोटाले के दोषियों को बिहार सरकार ने 48 घंटे के अंदर दंडित करने का ऐलान किया था। दंडित करने की बात तो दूर, 48 घंटे के बाद तक किसी को show cause notice तक नहीं थमाया जा सका है। जब डा० केके सिंह committee की report में यह प्रमाणित हो गया है कि दवा ख़रीद में घोटाले हुए हैं तो show cause notice क्यों, सीधे दोषियों को निलम्बित करते हुए उनको पदों से सरकार क्यों नहीं हटा रही है? दरअसल सरकार दवा घोटाले की जाँच के नाम पर 4-4 समितियों को गठित कर जहाँ इस मुआमले की लीपा-पोती की कोशिश में लगी है, वहीं उसका प्रयास है कि मुआमले की CBI जाँच से बचा जाए।
दवा घोटाले के मामले को रफ़ा-दफ़ा करने के लिए ही सरकार ने जाँच report में दोषी करार दिए गए director in-chief डा० सुरेन्द्र प्रसाद को घटिया/substandard दवा से भागलपुर में हुई मौत की जाँच का ज़िम्मा दे दिया है। मंत्री विजय कुमार चौधरी ने निगम (BMSICL) द्वारा आपूर्ति की गई स्तरहीन दवा से भागलपुर में हुई अरविन्द साह नामक मरीज़ की मौत के मुआमले की जाँच के लिए 08 जुलाई को डा० सुरेन्द्र प्रसाद और PMCH के anaesthesia के विभागाध्यक्ष डा० अशोक कुमार की एक committee गठित करने की घोषणा की थी जिसे 15 दिनों में अपनी जाँच report देनी थी। मगर report अब तक जारी नहीं हुई है।
दूसरी ओर, दवा-उपकरण की ख़रीद में अनियमितता, blacklisted दवा कम्पनियों के tender प्रक्रिया में चयनित होने और और अधिक दर पर दवा की ख़रीद की जाँच के लिए स्वास्थ्य सचिव आनन्द किशोर और संयुक्त सचिव एस के शर्मा की committee गठित की गई थी। इस committee की report भी अब तक जारी नहीं की गई है।
वहीं दवा घोटाले की CBI से जाँच करवाने को लेकर पटना High Court में 25 जुलाई को दाख़िल याचिका के आलोक में court ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार को जाँच कर report सौंपने का निर्देष दिया। मगर प्रधान सचिव द्वारा भी आज तक report नहीं दी गई है।
सरकार अविलम्ब इन तीनों जांच कमिटियों की report को सार्वजनिक करे और इस पूरे मुआमले की CBI से जाँच करवाए जिससे इस घोटाले का राज़ फ़ाश हो सके। विभिन्न जाँच कमिटियों में उलझा कर सरकार इस मामले को रफ़ा-दफ़ा करने की कोशिश नहीं करे।

उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सरकार का रुख़ इस पर स्पष्ट कर दिया है। “इसके बावजूद भाजपा के नेता गलत तथ्य के आधार पर जनता को गुमराह कर रहे हैं” चौधरी ने आरोप लगाया, और कहा कि यह भाजपा के “अफवाहबाजी और झूठ की राजनीति के अनुरूप है”।

जनता दल (United) का कहना है कि भाजपा के क्षेत्रीय नेता सुशील मोदी का इस मुआमले में बयान “तथ्य से परे है और अव्यवहारिक भी”। मोदी ने जो बिहार सरकार पर आरोप लगाए थे वो बॉक्स में पढ़िए।

जद (U) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह दावा किया गया है कि इस मुआमले में सरकार ने “शुरू से ही पारदर्शी रुख़ अपनाया है। जाँच committee बनाई गई और उसे अपना काम स्वतंत्र रूप से करने दिया गया। आज इसी committee की report को विपक्ष आधार बना रहा है परन्तु इस मामले में गलत तथ्य पेश कर रहा है।”

“भागलपुर में मरीज़ की मृत्यु के कारणों की जाँच के लिए जो समिति बनी थी वह joint director मधुरेन्द्र किशोर के अंतर्गत थी न कि डा० सुरेन्द्र प्रसाद के अंतर्गत — जिसका झूठा दावा सुशील मोदी ने किया है,” जद(यू) का यह आरोप है।

जद(U) का कहना है कि “आनंद किशोर और एस के शर्मा की जिस committee की रिपोर्ट की मांग उन्होंने की है उसकी जाँच का दायरा इस मामले में हाल में आई report के आलोक में बढ़ा दिया गया है। इसलिए इस committee की report आने में कुछ दिन और लगेंगे। जिस तीसरी जाँच के विषय में मांग की गई है उसे माननीय पटना उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार पेश किया जाएगा।”

प्रेस नोट में यह लिखा गया है कि जाँच समितियों की जो रिपोर्ट आई है उसके आधार पर सम्बंधित अधिकारियों को show cause notice दिया गया है जो प्रक्रिया की दृष्टि से सही क़दम है। “बिना इस प्रक्रिया का पालन किये किसी के विरुद्ध कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। साथ ही 3 आरोपित कम्पनियों को सदा के (लिए) blacklist कर दिया गया है और उनके tender भी cancel किये गए हैं। पूरे मुआमले में सरकार ने सख़्त और पारदर्शी ढंग से कदम उठाये हैं,” जद(U) के प्रेस विज्ञप्ति में लिखा है।

क़रीब 2 घंटे पहले जारी इस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि “चाहे एक रूपये की भी गड़बड़ी की बात क्यों न हो, न्याय के साथ विकास की राह पर ग़रीबों के लिए काम करने वाली हमारी सरकार अपनी साख़ पर आँच नहीं आने देगी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की zero tolerance की नीति रही है और आगे भी रहेगी।”

सुशील मोदी ने ताज़ा आरोप तक़रीबन 3 घंटे पहले लगाए थे।

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