Friday 27 May 2022
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झारखण्ड से गोविन्दाचार्य का प्रकृति-केन्द्रित विकास के लिए आह्वान

हान आदिवासी नेता, शहीद स्वतंत्रता सेनानी और संथाल विद्रोह के प्रणेता सिधू मुर्मू और कान्हू मुर्मू से प्रेरणा लेते हुए कुशासन, भय, भूख, भ्रष्टाचार के कारण बढ़ते जनाक्रोश को रचनात्मक दिशा एवं झारखंड की तस्वीर में नए रंग भरने के लिए नई ऊर्जा से युक्त अलख यात्रा का आयोजन 26 जून से 30 जून 2014 तक किया गया।

राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन, दिगंत परिवार, एकता परिषद्, ट्राइबल ड्रीम और श्री श्री लाखिकांत आदिवासी विकास न्यास सहराज (धनबाद) के सम्मिलित प्रयास से संथाल परगना, झारखण्ड, में यह यात्रा आयोजित हुई।

यह यात्रा सिधू-कान्हू के गाँव भोगनाडीह ज़िला साहबगंज से दोनों भाइयों के आँगन से मिट्टी और पानी ले कर चली। इस अवसर पर स्वाभिमान आन्दोलन के संस्थापक संरक्षक के एन गोविन्दाचार्य ने देवघर में एक जनसभा को सम्बोधित किया। अलख यात्रा के समापन पर 30 जून को चेतना महाविद्यालय सहराज (धनबाद) में गोविन्दाचार्य ने प्रकृति केंद्रित विकास की बात की।

गोविन्दाचार्य ने बंजर पठारी भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए “मेड बनाओ,पेड़ लगाओ और गाय चराओ” का मन्त्र भी दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सिधू-कान्हू के आंगण की मिट्टी, राष्ट्रीय चेतना को जगाने के लिए सूत्रधार बनेगी। इसमें सिधू-कान्हू की चेतना जागृत है। उन्होंने कहा कि मनुष्य प्रकृति का विजेता नहीं वरन हिस्सा है।

इस अवसर पर रा स्वा आ के संयोजक बसवराज पाटिल ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन बिना समाज सत्ता मज़बूत नहीं हो सकता, इसलिय इस धऱती से यह अलख जगा है।पाटिल ने कहा कि संथालों को अपनी संस्कृति को अक्षुण बनाए रख कर विकास के लिए जागरुक करने की ज़रूरत है। पंचायतों के सशक्तिकरण एवं केन्द्रिय बजट के 7% सीधे पंचायतों को मिलने से विकेन्द्रित तथा भारत-परक विकास संभव है, ऐसा रा सवा आ का मानना है।

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Surajit Dasgupta
Surajit Dasgupta
Co-founder and Editor-in-Chief of Sirf News Surajit Dasgupta has been a science correspondent in The Statesman, senior editor in The Pioneer, special correspondent in Money Life, the first national affairs editor of Swarajya, executive editor of Hindusthan Samachar and desk head of MyNation

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