आतंकवादियों के निशाने पर भारतीय रेल

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लखनऊ — उत्तर प्रदेश में रेलवे की सम्पत्ति को नुक़सान पहुंचाने का प्रयास छोटे से बड़े स्तर तक होता रहा है। इस प्रकार की छोटी हरकतें आतंकियों के भी दिमाग़ में आ गयी है। आतंकियों के निशाने पर आ चुके भारतीय रेल पर आये दिन बम लगाने की अफ़वाहें और बम मिलने की सूचनाएं फैल रही हैं।

10 अगस्त को उत्तर प्रदेश में अमेठी के अकबरगंज रेलवे स्टेशन पर अकाल तख़्त एक्सप्रेस में संदिग्ध वस्तु के मिलने की सूचना मिली। किसी अनहोनी की सम्भावना को देखते हुए ट्रेन को रोका गया, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते ने ट्रेन से बम प्राप्त कर, उसे निष्क्रिय कर, बड़े हादसे को टाल दिया गया।

इसके पहले भी उत्तर प्रदेश में कुछ इसी प्रकार की घटनाएं प्रकाश में आती रही हैं। 26 जनवरी को आगरा में एक पैसेंजर ट्रेन में बम की अफवाह के बाद उसे आगरा में रोक लिया गया। पुलिस के मुताबिक़ आगरा-इटावा पैसेंजर में बम की ख़बर मिली थी, इसके बाद आगरा सिटी स्टेशन पर ट्रेन को ख़ाली कराया गया। जीआरपी, आरपीएफ़ और पुलिसिया कुत्तों के दस्ते ने पूरी ट्रेन की तलाशी ली। अधिकारियों ने तब राहत की सांस ली जब तलाशी में ट्रेन में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

18 मार्च को आगरा में आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के पास सुबह के समय कम तीव्रता के दो विस्फोट हुए। धमाके के बाद सक्रिय हुए आला पुलिस अधिकारियों को आतंकी हमले की चेतावनी वाला एक पर्चा भी मिला। पुलिस ने कोई हताहत नहीं हुआ है।

28 मार्च को संत कबीर नगर के ख़लीलाबाद अप रेलवे ट्रैक किनारे सुबह 8 बजे के क़रीब कबाड़ उठा रहे नेपाली युवक राजीव थापा के हाथ में एक बम फट गया। घायलावस्था में उसे ज़िला अस्पताल पहुंचाया गया। बम की सूचना के बाद ज़िले की पुलिस हरकत में आई। घण्टे भर की तलाश के बाद रेलवे ट्रैक के किनारे 3 जिन्दा सुतली बम मिले।

24 अप्रैल को रेलवे स्टेशन बस्ती पहुंची कुशीनगर एक्सप्रेस में बम रखे जाने की सूचना पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया और इसके बाद सूचना को फ़र्ज़ी पाये जाने पर सूचना देने वाले सुनील कुमार को जीआरपी ने गिरफ़्तार कर लिया।

3 मई को गोंडा रेलवे स्टेशन पर जीआरपी को फोन करके किसी व्यक्ति ने रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दी। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ़ को तुरन्त ही अलर्ट मैसेज भेजा गया। कुछ ही मिनट के भीतर पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों ने रेलवे स्टेशन की घेराबंदी कर सघन चेकिंग शुरू हो गयी। पूरे स्टेशन का चप्पा चप्पा खंगाला गया और इसमें नगर कोतवाली पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ़ की संयुक्त टीम लगी रही लेकिन अंत तक कुछ नहीं मिला।

28 जुलाई को चंदौली जिले के अलीनगर के सिकटिया क्रॉसिंग पर 2325 ट्रेन गुजरने के बाद हुए धमाके की आवाज़ से हड़कम्प मच गया। धमाके की आवाज की सुनकर ट्रेन के ड्राइवर ने इसकी शिकायत की। जिसकी सूचना क्रॉसिंग के पॉटर ने पुलिस को दी। जिसके बाद स्थानीय पुलिस और जीआरपी व आरपीएफ़ की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। हालांकि इस दौरान पुलिस को किसी भी तरह का कोई विस्फोटक नहीं मिला। 2325 ट्रेन गुज़रने के बाद अचानक बम के धमाके की तरह आवाज़ सुनाई दी।

उत्तर प्रदेश एटीएस, आईबी और रेलवे सुरक्षा टीमें लगातार भारतीय रेल को असुरक्षित करने के आतंकी षड़यन्त्र के नेटवर्क के पीछे हैं। इस दौरान कुछ सफलताएं भी मिली है और अधिकांश मुआमलें जांच के बाद अफ़वाह ही निकले हैं।

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