सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया पर लगाई नई पाबंदी

0
74

वाशिंगटन डी सी — संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यू.एन) ने उत्तर कोरिया पर नई पाबंदियाँ लगाने की मंज़ूरी दे दी है जिसका चीन ने भी समर्थन किया है। यह जानकारी रविवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली।

बीबीसी के अनुसार सु्रक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया से किए जाने वाले निर्यात और वहाँ निवेश की सीमाएँ तय करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंज़ूरी दे दी है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरीकी राजदूत निकी हेली ने इसे एक साथ किसी भी देश पर लगाई गई सबसे कड़ी पाबंदियाँ बताई हैं।

हाल के दिनों में उत्तर कोरिया ने दो अंतर-महाद्वीपीय प्रक्षेपास्त्रों (इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) का परीक्षण करते हुए यह दावा किया था कि अब उसके पास अमरीका तक मार करने की क्षमता है। हालांकि विशेषज्ञों को मिसाइलों की क्षमता पर संदेह हैं, इन परीक्षणों की दक्षिण कोरिया, जापान और अमरीका ने कड़ी निंदा की थी और यहीं से उत्तर कोरिया पर नई पाबंदियों की भूमिका तैयार हुई।

चीन को कोयले, कच्ची धातु और दूसरे कच्चे माल का निर्यात उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था का बड़ा स्रोत है।

एक अनुमान के मुताबिक़ उत्तर कोरिया हर साल क़रीब 3 अरब डॉलर का सामान बाहर के देशों में बेचता है और नई पाबंदियों से उसका 1 अरब डॉलर का व्यापार ख़त्म हो सकता है। वैसे चीन ने इस साल उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने के लिए कोयले का निर्यात रद्द कर दिया था, पर बार-बार पाबंदियाँ लगने के बावजूद मिसाइल कार्यक्रम को लेकर उत्तर कोरिया के रुख़ में कोई बदलाव नहीं आया है।

उल्लेखनीय है कि सुरक्षा परिषद में वीटो ताक़त वाले और उत्तर कोरिया के इकलौते अंतरराष्ट्रीय मित्र देश चीन ने भी इस प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया। इससे पहले उसने कई बार उत्तर कोरिया का पक्ष लिया था।

वैसे पडोसी देश दक्षिण कोरिया ने लगातार मिसाइल परीक्षणों के लिए उत्तर कोरिया की निंदा की है, लेकिन उसका यह भी कहना है कि वह इस सप्ताह के अंत में एक क्षेत्रीय बैठक के दौरान अपने पड़ोसी से सीधी बातचीत कर सकता है।

दक्षिण कोरिया की विदेश मंत्री कांग क्यूंग-व्हा ने दक्षिण समाचार एजेंसी योनहाप से कहा कि अगर स्वाभाविक तौर पर ऐसा मौक़ा आया तो वह प्योंगयाँग में अपने समकक्ष से बात करना चाहेंगी।

Advt