अस्थायी पंजीकरण आईडी की सूचना 21 जुलाई तक दें — वित्त मंत्रालय

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नई दिल्ली — केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्‍यक्ति‍ जिसकी अस्‍थायी पंजीकरण आईडी (पीआईडी) मंज़ूर की जा चुकी है और जिसने कंपोज़िशन योजना अपनाई है उसे यह विकल्प अपनाने की सूचना 21 जुलाई या उससे पहले वस्‍तु एवं सेवा कर पहचान संख्या (जीएसटीआईएन) पर एक निर्धारित प्रपत्र में प्रस्तुत करनी चाहिए।

नई प्रणाली अपनाने, नए पंजीकरण, कंपोजिशन योजना में शामिल होने और आपूर्ति के बिल जारी करने पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए वित्त मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि पंजीकरण और कंपोज़िशन योजना से संबंधित नियम 19 जून को अधिसूचित किए गए हैं। ये नियम 22 जून से प्रभावी हो चुके हैं। इन नियमों को अधिसूचित करने का उद्देश्‍य पीआईडी हासिल कर चुके करदाताओं के साथ-साथ नए करदाताओं को भी पंजीकरण प्रमाण पत्र जीएसटीआईएन जारी करने की प्रक्रिया शुरू करना है।

मंत्रालय ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जिसके पास पीआईडी है वह पंजीकरण का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए जीएसटीएन पर आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत कर सकता है। यह स्पष्ट किया जाता है कि यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए 3 माह की अनुमति दी गई है अर्थात औपचारिकताओं को 22 सितंबर को या उससे पहले पूरा किया जा सकता है। इस दौरान वे खुद को आवंटित की गई पीआईडी का इस्‍तेमाल करके टैक्‍स इनवॉयस जारी कर सकते हैं।

नए पंजीकरण की मांग करने वाला व्यक्ति उस तारीख़ से 30 दिनों के भीतर पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है, जिस तिथि को वह पंजीकरण के लिए उत्तरदायी माना जाएगा। पंजीकरण फ़ॉर्म दाखिल करने के समय भी कंपोज़िशन योजना का विकल्प चुन सकते हैं। नए पंजीकरण की मंज़ूरी के लिए आवेदन करने वाला व्‍यक्ति पंजीकरण प्राप्त करने के लिए उत्तरदायी होने की तारीख़ से लेकर पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करने की तारीख़ तक की अवधि के दौरान वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति के लिए आपूर्ति का बिल जारी कर सकता है, बशर्ते कि पंजीकरण के लिए उत्तरदायी होने की तारीख से लेकर तीस दिनों के भीतर उसने पंजीकरण के लिए आवेदन कर दिया हो। पंजीकरण प्रमाण पत्र स्वीकार्य हो जाने पर वह इस अवधि के दौरान की गई आपूर्ति के लिए संशोधित टैक्‍स इनवॉयस जारी कर सकता है।

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